भूटान से लौट कर आये युवक की हो रही निगरानी

भूटान से वापस लौटा एक युवक कोरोना की शंका मिटाने के लिए शनिवार को सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा. युवक के आइसोलेशन वार्ड में पहुंचते ही स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गयी.

समस्तीपुर : भूटान से वापस लौटा एक युवक कोरोना की शंका मिटाने के लिए शनिवार को सदर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा. युवक के आइसोलेशन वार्ड में पहुंचते ही स्वास्थ्य महकमे में हलचल मच गयी. स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल उस युवक को मास्क पहनाकर इसकी सूचना नोडल पदाधिकारी डॉ़ नागमणि राज को दी. इसके बाद चिकित्सकों ने उसका प्रारंभिक जांच पड़ताल की.

फिर काउंसेलिंग की गयी. चिकित्सकों के अनुसार युवक में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण नहीं दिखाई देने पर चिकित्सकों ने उसे फिलहाल होम आइसोलेशन पर ही रखने का निर्णय लिया. काउंसेलिंग के दौरान चिकित्सक ने उसे कोरोना से बचाव को लेकर बरती जाने वाली सभी सावधानियों से अवगत कराया. होम आइसोलेशन पर उसे किस तरह रहना है. सर्दी-खांसी, तेज बुखार, जुकाम, सांस लेने में दिक्कत आदि के लक्षण सामने आने पर तत्काल इसकी सूचना टॉल फ्री नंबर पर देने या नजदीकी अस्पताल पर पहुंचने आदि की जानकारी दी गयी.

होम आइसोलेशन पर रखा गया यह युवक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के आदर्शनगर निवासी दिनेश दास का 18 वर्षीय पुत्र गुलशन कुमार बताया जाता है. स्वास्थ्य विभाग की टीम उसकी निगरानी में जुट गयी है. युवक के अनुसार वह अपने संबंधी के साथ बंगाल में रहता है. वहां से अक्सर बॉर्डर के रास्ते भूटान जाता रहता है. तीन दिन पूर्व भी वह बॉर्डर के रास्ते भूटान गया था. जहां एक दिन ठहरा और फिर वापस आ गया. शनिवार को घर आने पर कोरोना की आशंका को दूर करने के लिए सदर अस्पताल पहुंचा था. जहां प्रारंभिक जांच के बाद उसे होम आइसोलेशन पर रखा गया है.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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