Vaibhav Suryavanshi: आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में समस्तीपुर के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ शानदार खेल दिखाया. उन्होंने तेज और आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 15 चौके और 15 छक्के लगाए. उनकी बल्लेबाजी देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शक ही नहीं, बल्कि टीवी पर मैच देख रहे लोग भी हैरान रह गए. यह पारी अंडर-19 वर्ल्ड कप की सबसे यादगार पारियों में गिनी जा रही है.
वैभव सूर्यवंशी जिंदाबाद के लगे नारे
वैभव की शानदार पारी की बदौलत भारत की टीम फाइनल मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंच गई. उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास, हिम्मत और जीत की भूख साफ दिखाई दी. उन्होंने दिखा दिया कि बड़े मैच में दबाव के बावजूद कैसे खुलकर खेला जाता है. इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद समस्तीपुर और पूरे बिहार में खुशी की लहर दौड़ गई. समस्तीपुर के पटेल मैदान में युवाओं ने आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटीं और एक-दूसरे को बधाइयां दीं. लोग वैभव सूर्यवंशी जिंदाबाद के नारे लगाते नजर आए.
वैभव के गांव मोतीपुर (ताजपुर प्रखंड) में भी जश्न का माहौल रहा. परिवार वालों और गांव के लोगों ने उनकी सफलता पर गर्व जताया और कहा कि वैभव ने पूरे इलाके का नाम रोशन किया है. वैभव सूर्यवंशी की यह पारी न सिर्फ भारत को खिताब के करीब ले गई, बल्कि बिहार और समस्तीपुर के हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है. उन्होंने साबित कर दिया कि मेहनत और भरोसे से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी बड़ा कमाल किया जा सकता है.
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परिवार के लोग हो गए भावुक
खुशी का यह माहौल वैभव के घर ताजपुर के मोतीपुर गांव में भी दिखा. उनके परिवार वालों की आंखों में खुशी के आंसू थे और गांव वाले ढोल-नगाड़ों के साथ नाच रहे थे. उनके पिता और परिजनों के लिए यह मेहनत की जीत थी. ग्रामीणों का कहना है कि वैभव ने यह साबित कर दिया कि अगर लगन सच्ची हो, तो गांव का लड़का भी दुनिया जीत सकता है. वैभव सूर्यवंशी अब समस्तीपुर और पूरे बिहार के युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन गए हैं. उनकी इस जादुई पारी ने न केवल भारत को वर्ल्ड कप ट्रॉफी के करीब पहुंचाया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है.
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