Mohiuddinagar Flood: मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और संभावित परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को लेकर रविवार को पंचायत समिति भवन सह कंट्रोल रूम के सभागार में समीक्षा बैठक हुई. जिला प्रभारी सचिव सह भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बाढ़ से जुड़ी तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गयी.
बैठक में प्रभावित लोगों के विस्थापन की स्थिति में आश्रय स्थलों की तैयारी, वहां मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता और सामुदायिक किचन के संचालन की स्थिति की जानकारी ली गयी. प्रभारी सचिव ने निर्देश दिया कि जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए.
आश्रय स्थल और सामुदायिक किचन की तैयारी पर जोर
अधिकारियों को आश्रय स्थलों पर पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. सामुदायिक किचन में लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने और इसके सुचारू संचालन पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया.
आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए उपलब्ध संसाधनों, मानव बल और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था की भी समीक्षा की गयी. सभी आवश्यक संसाधनों को कार्यशील और तैयार अवस्था में रखने का निर्देश दिया गया, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके.
दवा, पशु चारा और पॉलिथीन शीट का स्टॉक तैयार रखने का निर्देश
स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जीवन रक्षक और अन्य जरूरी दवाओं के स्टॉक की जानकारी ली गयी. सिविल सर्जन को आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और प्रभावित लोगों को जरूरत के अनुसार तत्काल स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया.
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारा और आवश्यक पशु चिकित्सा दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा हुई. जरूरत के अनुसार प्रभावित इलाकों में इसके वितरण की व्यवस्था पारदर्शी तरीके से करने को कहा गया.
जरूरतमंद परिवारों को समय पर पॉलिथीन शीट उपलब्ध कराने और उपलब्ध स्टॉक के समुचित प्रबंधन का भी निर्देश दिया गया.
गंगा और वाया के जलस्तर पर लगातार नजर
गंगा और वाया नदियों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन राजेश सिंह और बाढ़ प्रमंडल के अधिकारियों से जलस्तर की नियमित जानकारी लेने तथा आवश्यक सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा गया.
संवेदनशील स्थलों और तटबंधों पर भी लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके.
24 घंटे सक्रिय रहेगा जिला आपातकालीन संचालन केंद्र
अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार पांडेय को अनुमंडल स्तरीय कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. वहीं, जिला स्तर पर 24 घंटे सातों दिन कार्यरत जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के माध्यम से स्थिति की निरंतर मॉनिटरिंग और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया.
अपर समाहर्ता, आपदा प्रबंधन ने बताया कि बाढ़ प्रभावित और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में माइकिंग कर लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. इसके माध्यम से लोगों को आवश्यक सावधानियों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जा रही है.
जनप्रतिनिधियों से लिया गया फीडबैक
बैठक के दौरान प्रभारी सचिव ने बाढ़ के बाद उत्पन्न स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों से भी फीडबैक लिया. इस क्रम में मुखिया प्रतिनिधि अमरनाथ राय ने मदुदाबाद पंचायत के वार्ड संख्या 2, 3, 7, 12 और 13 को आंशिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित करने की मांग रखी.
प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपदा की स्थिति में तत्परता, समन्वय और स्पष्ट जवाबदेही के साथ काम किया जाए. उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
बैठक में डीएम रोशन कुशवाहा, एसपी अरविंद प्रताप सिंह, एसडीएम विकास कुमार पांडेय, डीएसपी बीके मेधावी, प्रमुख जवाहरलाल राय, विधायक प्रतिनिधि रवीश कुमार सिंह, बीडीओ डॉ. नवकंज कुमार, सीओ विवेक कुमार सिंह, थानाध्यक्ष विनय कुमार सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि और अन्य लोग मौजूद थे.
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