बिजली संकट समस्तीपुर: समस्तीपुर शहर में भीषण गर्मी और उमस के बीच अघोषित बिजली कटौती ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है. मोहनपुर ग्रिड से विभिन्न पावर सब स्टेशनों को रोजाना 22 से 24 घंटे की पर्याप्त आपूर्ति मिल रही है. इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं के घरों तक महज 15 से 18 घंटे ही बिजली पहुंच पा रही है. इस गंभीर समस्या की मुख्य जड़ शहर की लचर वितरण प्रणाली, आए दिन होने वाले लोकल फॉल्ट और तकनीकी लापरवाही है.
लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग का खेल
ई-पावर हाउस से जुड़े उपभोक्ताओं के अनुसार दिनभर बिजली की आंख-मिचौनी चलती रहती है. कभी जंफर जोड़ने और काटने के नाम पर घंटों शटडाउन लिया जाता है, तो कभी मुख्य केबल में आग लगने से आपूर्ति ठप हो जाती है.
- फ्यूज कॉल का बहाना : छोटी-मोटी मरम्मत या फ्यूज कॉल के लिए भी पूरे इलाके की बिजली काट दी जाती है.
- रजिस्टर में हेराफेरी : पावर हाउस ऑपरेटर बड़े शटडाउन तो लॉगबुक में दर्ज करते हैं, लेकिन दिनभर होने वाली अघोषित ट्रिपिंग का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं रखा जाता.
- मानव बल की लाचारी : फील्ड में तैनात कर्मियों का कहना है कि बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत के कारण निर्बाध आपूर्ति दे पाना बेहद मुश्किल हो रहा है.
एबी स्विच न होने का बड़ा खामियाजा
शहर में आपूर्ति व्यवस्था बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह अधिकांश ट्रांसफार्मरों में एबी (एयर ब्रेक) स्विच का न होना है. एबी स्विच न होने से यदि किसी एक गली या मोहल्ले में कोई तकनीकी खराबी आती है, तो कर्मियों को पूरा फीडर ही बंद करना पड़ता है. इसके चलते जिस इलाके में कोई खराबी नहीं होती, वहां के सैकड़ों उपभोक्ताओं को भी घंटों बेवजह बिजली संकट और अंधेरे का सामना करना पड़ता है. उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जर्जर केबल बदलने और ट्रांसफार्मरों में एबी स्विच लगाने पर तुरंत काम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाएगी.
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