बिना जमीन बढ़ाए बदल रहा समस्तीपुर का वाशिंग पिट, अब एलएचबी ट्रेनों की भी होगी सफाई

समस्तीपुर रेल मंडल अपने वाशिंग पिट को आधुनिक बना रहा है, जिससे अब एलएचबी कोच वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की सफाई और मेंटेनेंस का काम आसान हो जाएगा.

समस्तीपुर जंक्शन से लंबी दूरी की ट्रेनों के परिचालन को बेहतर बनाने की दिशा में रेलवे वाशिंग पिट को आधुनिक सुविधा से तैयार कर रहा है. अब यहां एलएचबी कोच वाली ट्रेनों की भी सफाई की जा सकेगी. इसके लिए समस्तीपुर रेल मंडल स्थानीय जंक्शन के वाशिंग पिट को कंपैक्ट डिजाइन में विकसित कर रहा है. खास बात यह है कि इसके लिए वाशिंग पिट के मौजूदा क्षेत्रफल में विस्तार नहीं किया गया है.

अभी सवारी ट्रेनों के डिब्बों की होती है सफाई

समस्तीपुर यार्ड स्थित वाशिंग पिट में फिलहाल सवारी ट्रेनों के पुराने डिब्बों की सफाई की जाती है. एलएचबी कोच वाली लंबी दूरी की ट्रेनों की सफाई के लिए यहां अभी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. रेलवे अब इसी सुविधा को अपग्रेड कर आधुनिक कोचों के अनुरूप तैयार कर रहा है.

औसतन 24 कोच वाली एक एलएचबी ट्रेन की गहन सफाई में करीब आठ घंटे का समय लगता है. दरभंगा में वाशिंग पिट के निर्माण के दौरान कुछ दिनों तक दरभंगा क्लोन एक्सप्रेस की सफाई समस्तीपुर में की गई थी. अब स्थानीय स्तर पर एलएचबी कोच की सफाई की सुविधा विकसित होने से लंबी दूरी की आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव में सहूलियत मिलने की उम्मीद है.

कम जगह में तैयार हो रहा कंपैक्ट वाशिंग पिट

रेलवे वाशिंग पिट के लिए अतिरिक्त जमीन का विस्तार नहीं कर रहा है. मौजूदा जगह का बेहतर उपयोग करते हुए इसे कंपैक्ट डिजाइन से तैयार किया जा रहा है. यह डिजाइन सीमित क्षेत्रफल में ट्रेनों की सफाई और रखरखाव की सुविधा विकसित करने के लिए अपनाया जाता है.

कंपैक्ट वाशिंग पिट में कोचों की गहन सफाई, धुलाई और निचले हिस्से की जांच व रखरखाव का काम किया जा सकेगा. इसका उद्देश्य कम जगह और कम समय में ट्रेनों को अगली यात्रा के लिए तैयार करना है.

आधुनिक ट्रेनों के रखरखाव में मिलेगी सहूलियत

एलएचबी कोच आधुनिक ट्रेनों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं. इनके रखरखाव और सफाई के लिए विशेष व्यवस्था की जरूरत होती है. समस्तीपुर में यह सुविधा तैयार होने के बाद यहां से लंबी दूरी की एलएचबी ट्रेनों के रखरखाव का रास्ता और आसान हो सकता है.

रेलवे की इस तैयारी से वाशिंग पिट की क्षमता का बेहतर उपयोग होने के साथ ट्रेनों को अगली यात्रा के लिए समय पर तैयार करने में भी मदद मिलेगी. यात्रियों को भविष्य में साफ-सुथरी और बेहतर सुविधाओं वाली ट्रेनों का लाभ मिलने की उम्मीद है.

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By Aman gautam

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