समस्तीपुर में 'परिमार्जन' की सुस्त रफ्तार: 71 हजार से अधिक आवेदनों का हुआ निपटारा, लेकिन 18,700 रैयत अब भी परेशान

समस्तीपुर जिले में डिजिटाइज्ड जमाबंदी सुधार के लिए 'परिमार्जन' पोर्टल पर बड़े पैमाने पर काम हुआ है. हालांकि, 90,767 आवेदनों में से 71,837 का निपटारा हो चुका है, लेकिन 18,700 आवेदन अभी भी लंबित हैं. इससे रैयतों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Digitized Jamabandi Samastipur: समस्तीपुर में डिजिटाइज्ड जमाबंदी में सुधार के लिए चलाए जा रहे 'परिमार्जन' पोर्टल से जिले में भूमि सुधार को लेकर बड़े पैमाने पर काम हुआ है. इसके बावजूद, अभी भी एक बड़ी संख्या में लोग अपने आवेदनों के निपटारे का इंतजार कर रहे हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, समस्तीपुर जिले के बीसों अंचलों में परिमार्जन के कुल 90,767 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए 71,837 आवेदनों का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया है. हालांकि, अलग-अलग स्तरों पर 18,700 आवेदन अब भी लंबित हैं, जिसके कारण कई रैयतों को अंचल कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.

कल्याणपुर अंचल में सबसे ज्यादा मामले लंबित

जिले में सबसे अधिक मामले कल्याणपुर अंचल से सामने आए हैं. कल्याणपुर में कुल 7,759 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6,013 का निपटारा कर दिया गया है. हालांकि, यहां जिले में सबसे अधिक 1,736 मामले लंबित भी हैं. दलसिंहसराय में 6,923 आवेदनों के साथ यह अंचल दूसरे स्थान पर रहा, जहां 5,838 मामलों का निष्पादन किया गया और करीब 1,031 मामले पेंडिंग हैं.


अंचलवार आंकड़ों पर एक नज़र

जिले के प्रमुख अंचलों में आवेदनों की स्थिति को इस प्रकार समझा जा सकता है:

अंचल का नामकुल प्राप्त आवेदननिष्पादित आवेदनलंबित मामले
कल्याणपुर7,7596,0131,736
दलसिंहसराय6,9235,8381,031
सरायरंजन6,2175,347870
वारिसनगर5,7264,894832
मोहिउद्दीननगर5,7164,5451,171
समस्तीपुर सदर4,5173,594920
हसनपुर4,4403,3211,119
उजियारपुर4,2983,370928
शिवाजीनगर4,1663,0151,148
विद्यापतिनगर4,1013,174927

त्रुटियों के कारण रैयतों को हो रही भारी परेशानी

डिजिटाइज्ड जमाबंदी में नाम, खाता, खेसरा या रकबा की त्रुटि होने के कारण किसानों और जमीन मालिकों को लगान रसीद कटवाने से लेकर जमीन की खरीद-बिक्री तक में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. परिमार्जन पोर्टल इसी समस्या को दूर करने के लिए बनाया गया है. हालांकि, कुल 90 हजार से अधिक मामलों में से लगभग 71 हजार से अधिक मामलों का निष्पादन प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है, लेकिन 18,700 मामलों का अब भी लंबित होना चिंता का विषय है. इनमें से कई मामले महीनों से अलग-अलग कर्मचारियों और अधिकारियों के लॉग-इन में अटके हुए हैं.


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लेखक के बारे में

Author: Girija nandan sharma

Published by: Sumit Kumar

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