समस्तीपुर: राम जानकी मठ में कर्पूरी बस पड़ाव बनाने पर अटका फैसला, मंदिर समिति ने जताई आपत्ति

समस्तीपुर के श्री राम जानकी मठ परिसर में प्रस्तावित कर्पूरी बस पड़ाव के निर्माण पर फिलहाल ब्रेक लग गया है. मंदिर समिति ने मठ की जमीन पर बस स्टैंड बनाने का पुरजोर विरोध करते हुए कहा है कि यह धार्मिक कार्यों के लिए दान की गई भूमि है. इससे मठ का माहौल बिगड़ने और दानदाताओं की भावना के विपरीत होने की आशंका है.

Samastipur News: समस्तीपुर के मोहनपुर स्थित श्री राम जानकी मठ परिसर में प्रस्तावित कर्पूरी बस पड़ाव के स्थानांतरण की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग सकता है. मंदिर समिति ने बिहार धार्मिक न्यास परिषद को अपना मंतव्य भेजते हुए मठ की जमीन पर बस स्टैंड निर्माण का विरोध किया है. समिति का कहना है कि यह भूमि धार्मिक कार्यों के लिए दान की गई है, इसलिए इसका व्यावसायिक उपयोग उचित नहीं होगा.

3 एकड़ 350 डिसमिल जमीन पर था प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, श्री राम जानकी मठ की करीब 3 एकड़ 350 डिसमिल जमीन पर कर्पूरी बस पड़ाव स्थानांतरित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया था. इस संबंध में बिहार धार्मिक न्यास परिषद ने मंदिर समिति से मंतव्य मांगा था.

अब मंदिर समिति ने पत्र के माध्यम से अपना जवाब भेजते हुए बस पड़ाव निर्माण की अनुमति देने से इनकार कर दिया है.

धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बिगड़ने की आशंका

मंदिर समिति ने अपने जवाब में कहा है कि मठ परिसर धार्मिक, पारंपरिक और आध्यात्मिक गतिविधियों का केंद्र है. यहां नियमित रूप से पूजा-पाठ, जप, धार्मिक अनुष्ठान और संतों का निवास होता है.

समिति का कहना है कि यदि यहां बस पड़ाव बनाया गया तो वाहनों की आवाजाही, शोर-शराबा, भीड़ और प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे मठ की शांति और धार्मिक पवित्रता प्रभावित होगी.

दानदाताओं की भावना के खिलाफ होगा उपयोग

समिति ने कहा कि यह भूमि दानदाताओं ने केवल ठाकुरजी की सेवा, धार्मिक आयोजनों, साधु-संतों के प्रवास और गौसेवा के उद्देश्य से दान की थी. ऐसे में इस जमीन का किसी भी प्रकार के व्यावसायिक या गैर-धार्मिक उपयोग में लाना दानदाताओं की मूल भावना के विपरीत होगा.

सुरक्षा और भविष्य की योजनाओं का भी दिया हवाला

मंदिर समिति ने अपने मंतव्य में यह भी कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं. बस पड़ाव बनने से असामाजिक तत्वों के जमावड़े और सुरक्षा संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

इसके अलावा मठ प्रबंधन ने भविष्य में इसी भूमि पर धर्मशाला और गौशाला निर्माण की योजना होने की भी जानकारी दी है.

महंत ने क्या कहा?

श्री राम जानकी मठ के महंत श्री राम बिहारी दास ने कहा कि मठ की भूमि धार्मिक कार्यों के लिए समर्पित है, न कि किसी व्यावसायिक उपयोग के लिए. बस पड़ाव बनने से मठ का शांत वातावरण प्रभावित होगा, इसलिए इसका निर्माण उचित नहीं है.

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By Aman gautam

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