Samastipur News:समस्तीपुर : आज के इस दौर में नेता अजीब सा जीव है, आदमी जैसा ही लगता पर गजब का जीव है. कुछ ऐसी ही कविताओं से केन्द्रीय विद्यालय समस्तीपुर के निकट स्थित कुसुम सदन के प्रांगण गूंजता रहा. मौका था कुसुम पाण्डेय स्मृति साहित्य संस्थान के द्वारा आयोजित काव्य संध्या का. आगत अतिथियों का स्वागत डॉ रामेश गौरीश कर रहे थे. अध्यक्षता गजलकार हरिनंदन साह ने की. संचालन गज़लकार प्रवीण कुमार चुन्नू कर रहे थे. समालोचक राज कुमार राय राजेश तथा रेलवे के पूर्व राज भाषा अधिकारी भुवनेश्वर मिश्र विशिष्ट अतिथि के रूप में विराजमान रहे. कार्यक्रम के प्रारंभ में संस्था के अध्यक्ष शिवेंद्र कुमार पाण्डेय ने सितंबर माह में उत्पन्न हिन्दी साहित्य के मनीषियों डॉ. शुकदेव राय, राजा राधिका रमण प्रसाद सिंह, डॉ. रामधारी सिंह दिनकर, डॉ. श्याम नन्दन किशोर, फादर कामिल बुल्के, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, शरदचन्द्र चट्टोपाध्याय, राजेंद्र सिंह बेदी, डॉ. राही मासूम रजा, डॉ. राम कुमार वर्मा, केदारनाथ मिश्र प्रभात, डॉ. सर्वेश्वर दयाल सक्सेना, सुप्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर आदि के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित किये. अमर बलिदानी शहीद सरदार भगत सिंह के त्याग और ऊत्सर्ग का स्मरण करते उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई. कार्यक्रम में हिंदी को देश की राष्ट्र भाषा बनाने, देवी भजन, हास्य-व्यंग, गजल के साथ भोजपुरी व मैथिली की ललित रचनाएं विशेष रूप से गुदगुदाती रही. राष्ट्र कवि दिनकर को समर्पित अनेक रचनाओं का भी पाठ किया गया. कार्यक्रम का प्रारंभ डॉ. राम सूरत प्रियदर्शी के द्वारा सरस्वती वंदना से किया गया. साहित्यकार शिवेंद्र कुमार पाण्डेय , विष्णु कुमार केडिया, प्रवीण कुमार चुन्नू, रामाश्रय राय राकेश, राज कुमार राय राजेश, दीपक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. रामसूरत प्रियदर्शी, राज कुमार चौधरी, नरेंद्र कुमार सिंह त्यागी, रामलखन यादव, भुवनेश्वर मिश्र, डॉ. परमानंद लाभ, हरिनंदन साह, आचार्य गंगा प्रसाद सतमलपुरी, रामसुन्दर सिंह, कुमार अमरेश, अमरनाथ कुमार, रंजना लता, मो. जावेद, डॉ. मुकेश कुमार आदि ने खूब मनोरंजन कराया. धन्यवाद ज्ञापन शैलजा कनिष्ठा द्वारा किया गया.
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