स्वच्छता कार्यशाला समस्तीपुर: समस्तीपुर जिले में सुरक्षित पेयजल, साफ-सफाई और स्वच्छता संबंधी व्यवहार से जुड़ी बुनियादी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनोपयोगी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने की. कार्यशाला का मुख्य विषय 'सेवा स्तर बेंचमार्किंग के माध्यम से वाश (WASH) वितरण को मजबूत करना' निर्धारित किया गया था.
सेवाओं के वैज्ञानिक मूल्यांकन पर बल
कार्यशाला के दौरान जिले में पेयजल और स्वच्छता संबंधी सेवाओं की वर्तमान धरातलीय स्थिति, गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों और आम नागरिकों तक उनकी वास्तविक पहुंच की गहन समीक्षा की गई. विशेषज्ञों ने डाटा और आंकड़ों के आधार पर कमियों की पहचान करने और तय मानकों के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करने के तकनीकी पहलुओं को साझा किया.
कार्यशाला के मुख्य बिंदु
- प्रशासनिक सहभागिता : डीएम रोशन कुशवाहा के साथ उप विकास आयुक्त सूर्य प्रताप सिंह और विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे.
- तकनीकी सहयोग : यूनिसेफ (UNICEF) के विशेषज्ञों और प्राइमोव संस्था के प्रतिनिधियों ने सेवा स्तर सुधारने के गुर सिखाए.
- मानकों का निर्धारण : स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल एवं स्वच्छता सेवाओं का वैज्ञानिक पद्धति से मूल्यांकन कर गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया गया.
- विभागों में समन्वय : योजनाओं के समयबद्ध और सफल क्रियान्वयन के लिए अंतर्विभागीय तालमेल को अनिवार्य बताया गया.
डीएम ने दिए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि शुद्ध पेयजल और बेहतर साफ-सफाई की व्यवस्था प्रत्येक नागरिक का मूलभूत अधिकार है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच सतत तालमेल, नियमित फील्ड मॉनिटरिंग और सेवाओं का वैज्ञानिक ऑडिट बेहद जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित मानकों के अनुसार सेवा की गुणवत्ता तुरंत सुनिश्चित करें और जहां भी खामियां मिलें, वहां त्वरित सुधारात्मक कदम उठाएं.
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