Samastipur News: समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड क्षेत्र से होकर गुजरने वाली गंगा और वाया नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गई है. इसके बावजूद दियारांचल की हजारों की आबादी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कई गांव अब भी चारों तरफ से बाढ़ और नदियों के पानी से घिरे हुए हैं. जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि गंगा का जलस्तर 46.65 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान (45.50 मीटर) से 1.15 मीटर ऊपर है. बीते चार दिनों में 20 सेमी की कमी आई है, लेकिन सड़कों और पगडंडियों पर पानी जमा रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त है.
Ganga River Water Level: सुरक्षा के मद्देनजर 18 विद्यालय बंद, तटबंधों पर अलर्ट
बाढ़ के खतरे को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रखंड के 18 विद्यालयों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है. मोहिउद्दीननगर बीईओ सृष्टि सागर ने 14 और मोहनपुर बीईओ राजू कुमार ने 4 विद्यालयों को बंद करने की पुष्टि की है. इन स्कूलों के शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया गया है. दूसरी ओर, नेपाल में आए फ्लैश फ्लड के बाद उपजी आशंकाओं को खारिज करते हुए जल संसाधन विभाग ने तटबंधों की सुरक्षा बढ़ा दी है. धमौन बॉर्डर से बिशनपुर बेरी बांध तक रात में भी निगरानी के लिए वॉलिंटियर्स और विशेष रोशनी की व्यवस्था की गई है.
बाढ़ प्रभावित इलाकों में जल जनित बीमारियों का खतरा बढ़ा
नदियों का पानी उतरने के साथ ही दियारांचल में बीमारियों का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के बाढ़ प्रभावित गांवों में उल्टी-दस्त, बुखार, चर्म रोग और आंखों में जलन जैसी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं. गंदे जलजमाव और दूषित पेयजल के कारण सबसे ज्यादा बच्चे और बुजुर्ग प्रभावित हो रहे हैं. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अविलंब मेडिकल कैंप लगाने, ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने और क्लोरीन टैबलेट व ओआरएस वितरण की मांग की है.
