समस्तीपुर: आवासीय होटल व क्लिनिक संचालकों को लेना होगा फायर एनओसी, नहीं तो होगी कार्रवाई

समस्तीपुर में जिला प्रशासन ने होटल, अस्पताल और निजी क्लिनिकों की अग्नि सुरक्षा जांच के लिए विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है. फायर एनओसी नहीं लेने और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों पर कानूनी कार्रवाई तथा सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है. पढ़ें पूरी खबर…

समस्तीपुर से अंकुर कुमार की रिपोर्ट

Samastipur News: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक रेस्तरां और मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल में हुई अग्निकांड की घटनाओं के बाद समस्तीपुर जिला प्रशासन सतर्क हो गया है. जिला प्रशासन के निर्देश पर अग्निशमन विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर जिले में संचालित होटल, क्लिनिक, अस्पताल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच की जाएगी.

जिला अग्निशमन पदाधिकारी सह समादेष्टा हर्षवर्धन कुमार ने शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी. इस दौरान अपर समाहर्ता भी मौजूद रहे.

जिलेभर में चलेगा विशेष जांच अभियान

जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर हुई आगजनी की घटनाओं ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है. ऐसे भवन जहां लोगों का ठहराव या आवागमन अधिक होता है, वहां सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है.

उन्होंने कहा कि विशेष अभियान के तहत जिले के सभी आवासीय होटल, निजी क्लिनिक, अस्पताल और सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों की जांच की जाएगी.

सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा

जांच के दौरान अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, आपातकालीन निकास मार्ग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी.

जिन प्रतिष्ठानों में कमियां पाई जाएंगी, उन्हें निर्धारित समय के भीतर सुधार करने का निर्देश दिया जाएगा. वहीं नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

फायर एनओसी लेना अनिवार्य

अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित संस्थानों को अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य है. इसके लिए संस्थान का फायर ऑडिट कराया जाता है. आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है.

उन्होंने बताया कि अस्पतालों और निजी क्लिनिकों को विद्युत प्राधिकार से विद्युत भार विश्लेषण रिपोर्ट और विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा.

गंभीर कमियां मिलने पर होगी सीलिंग

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिन संस्थानों में ऐसी कमियां पाई जाएंगी जो तत्काल जोखिम उत्पन्न करती हैं, वहां सीलिंग की कार्रवाई भी की जा सकती है.

आंकड़ों में स्थिति

जिला अग्निशमन विभाग के अनुसार शहर में 28 आवासीय होटल और 153 निजी क्लिनिक चिन्हित हैं. इनमें 145 निजी क्लिनिक और केवल 6 होटलों के पास ही आवश्यक फायर एनओसी उपलब्ध है.

अधिकारियों ने सभी संस्थान संचालकों से समय रहते अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने और आवश्यक प्रमाण पत्र प्राप्त करने की अपील की है.

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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