खाद के लिए दुकान के चक्कर खत्म, अब 01 सितंबर से मोबाइल ऐप से किसान घर बैठे करेंगे बुकिंग

समस्तीपुर जिले में 1 सितंबर 2026 से किसान मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे खाद की बुकिंग कर सकेंगे. यह डिजिटल प्रणाली जमीन और फसल के आधार पर खाद की सही मात्रा तय करेगी, जिससे किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध होगा.

Samastipur fertilizer booking: कृषि विभाग ने किसानों को उर्वरक की निर्बाध और पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा विकसित फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल डिजिटल प्रणाली के तहत समस्तीपुर जिले में 01 सितंबर 2026 से किसान घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिए खाद की बुकिंग कर सकेंगे. जिला कृषि पदाधिकारी डॉ. सुमीत सौरभ ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल क्रियान्वयन के बाद अब दूसरे चरण में समस्तीपुर को इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है.

online fertilizer app: जमीन और फसल के आधार पर खुद तय होगी खाद की मात्रा

यह डिजिटल ऐप जमीन के क्षेत्रफल और चुनी गई फसल के आधार पर खुद ही खाद की सही मात्रा तय करेगा. इससे किसानों को समय पर आवश्यकतानुसार उर्वरक उपलब्ध हो सकेगा. जिन किसानों का नाम जमाबंदी में दर्ज है, जिनके पूर्वजों के नाम पर जमीन है, या जो बटाईदार व अन्य भू-धारियों, सामुदायिक, सरकारी, मंदिर आदि की भूमि पर खेती कर रहे हैं, वे सभी इसके तहत आसानी से बुकिंग करा सकते हैं. इस प्रणाली का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपनी फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य होगा.

ऐसे काम करेगी बुकिंग प्रक्रिया और क्यूआर कोड व्यवस्था

किसान अपने मोबाइल में एफएफएस ऐप इंस्टॉल कर आधार संख्या, ओटीपी या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए लॉगिन करेंगे. खेती के प्लॉट का ब्यौरा और फसल का चयन करने पर पूरे सीजन के लिए प्रस्तावित खाद की मात्रा स्क्रीन पर दिखाई देगी. किसान अपनी पसंद के खुदरा उर्वरक विक्रेता का चयन कर खाद की मात्रा बुक करेंगे, जिससे एक क्यूआर कोड जनरेट होगा. यह क्यूआर कोड केवल 3 दिनों तक ही वैध रहेगा और इसके बाद स्वतः रद्द हो जाएगा, जिससे तय समय पर खाद उठाना अनिवार्य होगा.

प्रशिक्षण और अधिकारियों को दी गई विशेष जिम्मेदारी

खुदरा विक्रेता की पॉश मशीन पर क्यूआर कोड स्कैन कराकर किसान तय मात्रा में आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे. किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर कार्यरत किसान सलाहकारों, कृषि समन्वयकों और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के उद्देश्य से विभाग द्वारा 29 अगस्त 2026 को जूम ऐप के माध्यम से सभी संबंधित अधिकारियों और विक्रेताओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है.

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By Girija nandan sharma

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