Samastipur News: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कोरबद्धा रेलवे क्रॉसिंग के पास रात्रि गश्ती के दौरान पकड़ी गई संदिग्ध कार के मामले में पुलिस ने वाहन चालक और उसके कथित मालिक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जांच में सामने आया कि बरामद कार पर दूसरे वाहन का फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाकर पिछले करीब छह माह से उसका उपयोग किया जा रहा था.
फर्जी नंबर प्लेट और घिसा मिला चेसिस नंबर
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अंगारघाट थाना क्षेत्र के विरनामा टोला निवासी मनीष कुमार तथा बिथान थाना क्षेत्र के सहमा निवासी राहुल कुमार (अशोक साहु के पुत्र) के रूप में हुई है.
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित वाहन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके. पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि कार पर दूसरे वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर लगाया गया था. जांच के दौरान कार का चेसिस नंबर भी घिसा हुआ मिला, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया.
वाहन सत्यापन में खुला चोरी का राज
थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने बताया कि 3 अगस्त की रात कोरबद्धा रेलवे क्रॉसिंग के पास वाहन जांच के दौरान संदिग्ध कार को रोका गया था. मौके से चालक मनीष कुमार को हिरासत में लिया गया.
अगले दिन जिला परिवहन कार्यालय से वाहन का सत्यापन कराया गया. जांच में पता चला कि जिस नंबर से कार चल रही थी, वह वैशाली जिले के हसनपुर निवासी ममता कुमारी के नाम पर पंजीकृत वाहन का है. जब पुलिस ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि उनकी कार उनके घर पर सुरक्षित खड़ी है. इसके बाद स्पष्ट हो गया कि बरामद वाहन चोरी का है और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी.
कथित मालिक भी गिरफ्तार, गिरोह की जांच शुरू
चालक की निशानदेही पर पुलिस ने वाहन के कथित मालिक राहुल कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया. दोनों आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार जब्त कर ली गई है.
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की इस कार का इस्तेमाल किन-किन आपराधिक गतिविधियों में किया गया और इसके पीछे किसी संगठित गिरोह की संलिप्तता है या नहीं.
