वैज्ञानिकी विधि से व्यवसायिक मछलीपालन करने पर जोर

मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत मुतलुपुर समेकित मत्स्यपालन इकाई में 60 मत्स्य कृषकों के लिए एक प्रदर्शन भ्रमण का आयोजन किया गया.

पूसा : मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत मुतलुपुर समेकित मत्स्यपालन इकाई में 60 मत्स्य कृषकों के लिए एक प्रदर्शन भ्रमण का आयोजन किया गया. 20 तालाबों से युक्त एक मनमोहक प्राकृतिक दृश्य जहां 87 एकड़ भूमि पर भारतीय मेजर कार्प (रोही, मृगल, कतला) के साथ-साथ बाग, सब्जी और मेड़रोपण का व्यावसायिक मछलीपालन किया जा रहा है. किसानों को ब्रूडर स्टॉक, वैज्ञानिक फीडिंग प्रथाओं, वातन, बहु स्टॉकिंग और हप्पा संस्कृति आदि के बारे में जानकारी दी गई. लाइव हार्वेस्टिंग की गई जहां किसानों ने न केवल सीखा बल्कि गहरी संतुष्टि भी व्यक्त की. बत्तख पालन इकाई का प्रबंधन अच्छी तरह से किया गया था. विभिन्न प्रबंधन प्रथाओं नील हरित और लाल शैवाल की सफाई, तालाब की सफाई आदि सिखाया गया. हैचरी प्रबंधक ने कहा कि वार्षिक टर्नओवर लगभग 3 करोड़ है. साल भर 100 से अधिक किसानों मजदूरों को रोजगार देता है. यह दौरा निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. मयंक राय के मार्गदर्शन में किया गया. इस फील्ड सह एक्सपोजर दौरे का समन्वय कृषि विस्तार शिक्षा विभाग की प्रमुख डॉ. विनिता सतपथी ने किया. प्रभारी (क्षमता निर्माण) और निदेशालय से सुरेश और सूरज ने इसमें सहयोग किया. विस्तार शिक्षा विभाग के कुछ छात्रों ने भी फील्ड विजिट में भाग लिया. नवीन जानकारियां हासिल की.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >