Samastipur News:बाल विवाह उन्मूलन को सोच में बदलाव पर दिया जोर

बाल विवाह उन्मूलन के लिए सोच में बदलाव जरूरी है. सामाजिक चेतना के बगैर इसका उन्मूलन संभव नहीं है.

Samastipur News:मोहिउद्दीनगर : बाल विवाह उन्मूलन के लिए सोच में बदलाव जरूरी है. सामाजिक चेतना के बगैर इसका उन्मूलन संभव नहीं है. इसके लिए खासकर युवा वर्ग को आगे आने की जरूरत है. यह बातें गुरुवार को प्लस टू अपग्रेड अल्फा हाई स्कूल में बाल विवाह उन्मूलन के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने कही. अध्यक्षता एचएम मधुकर कुमार ने की. इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह हमारी स्वस्थ परंपराओं का विकृत स्वरूप है. हर घर से बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए. बाल विवाह उन्मूलन सामाजिक विकास के लिए आवश्यक कदम है. सामाजिक जागरूकता एवं सख्त कानूनों का क्रियान्वयन से बाल विवाह को जड़ से समाप्त किया जा सकता है. चिकित्सीय दृष्टिकोण से बाल विवाह का बुरा प्रभाव विशेषकर बालिकाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है. भविष्य में बालिकाओं को शारीरिक व मानसिक परेशानियों से जूझना पड़ता है. कार्यक्रम का आयोजन स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया गया. कार्यक्रम के अंत में छात्राओं को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाई गई. इस मौके पर यूनिसेफ के बीएमसी अजय कुमार सिंह, नवनीत कुमार, भीष्मेंद्र झा, सरिता कुमारी, कुमोद कुमार, लवली, तान्या, निहारिका अनामिका, खुशबू, प्रिया, काजल, रोजी, राखी, बबीता सलोनी, मीनाक्षी मौजूद थे.

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Published by: Krishan mohan pathak

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