Samastipur News: जिले के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है. विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद जिला स्तर पर शिक्षकों का नियमित वेतन और लंबित बकाये का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है. इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग के सचिव-सह-निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) दिनेश कुमार ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं.
हर महीने 5 और 15 तारीख की तय हुई समय-सीमा
विभागीय आदेश के अनुसार अब सभी सरकारी शिक्षकों का नियमित मासिक वेतन प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान करना होगा. वहीं लंबित बकाया वेतन का भुगतान हर महीने की 15 तारीख तक सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि बजट उपलब्ध रहने के बावजूद वेतन भुगतान में देरी प्रशासनिक शिथिलता मानी जाएगी.
लापरवाह अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने कहा है कि समय पर वेतन नहीं मिलने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है, जिसका असर शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ सकता है. जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने तथा देरी के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
डीईओ को बनाया गया जवाबदेह
विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी की शिकायत मिलती है तो संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को सीधे जिम्मेदार माना जाएगा. ऐसे मामलों में उनके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी. विभाग का उद्देश्य शिक्षकों को समय पर वेतन उपलब्ध कराकर शिक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है.
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