Samastipur : गर्मी के साथ शुरू हुई पेयजल समस्या, प्रभावित क्षेत्र के लोगों में आक्रोश

एक ओर जहां भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है, वहीं गर्मी के साथ ही पेयजल की समस्या से लोग परेशान हैं.

– जिले में लक्षित 1890 खराब चापाकलों में से 977 को ही कराया जा सका चालू प्रतिनिधि, समस्तीपुर . एक ओर जहां भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है,वहीं गर्मी के साथ ही पेयजल की समस्या से लोग परेशान हैं. कई प्रखंडों में भूमिगत जल का लेयर 25 फीट से नीचे चला चला है. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के द्वारा जिले में खराब पड़े 1890 चापाकलों में से 977 काे ठीक कराया गया है. कई वार्डों में गड़बड़ी के नल जल योजना का पानी लोगों को नहीं मिला है.जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या हो रही है, वहां के लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है. लोग पानी के लिये सड़क पर उतरने को विवश हो गये हैं. भीषण गर्मी के कारण ताल-तलैया व जलाशय सूब गये हैं. भूमिगत जल का लेयर सामान्य से नीचे चले जाने के कारण सामान्य चापाकल पानी देना बंद कर दिया है. विदित हो भूमिगत जल का लेयर 25 फीट से नीचे जाने के बाद सामान्य चापाकल काम नहीं करता है. जिले में पेयजल से लेकर सिंचाई के लिये लोग सिर्फ भूमिगत जल पर भी निर्भर है. जिले में वित्तीय वर्ष में 2025-26 में 1890 हैंडपंप को ठीक कराने का लक्ष्य जिले में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1890 हैंडपंप को ठीक कराने का लक्ष्य लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने रखा था. इसके एवज में अबतक 977 चापाकलों को दुरुरूत कराया गया है. समस्तीपुर और सरायरंजन प्रखंड में 190 चापाकल का ठीक करना था, इसमें से 81 ठीक हुआ है. पूसा और ताजपुर प्रखंड में 195 चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें 55 को ठीक कराया गया है. कल्याणपुर और मोरवा प्रखंड में 195 चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य रखा गया, इसमें से 68 को ठीक कराया गया. उजियारपुर और दलसिंहसराय प्रखंड में 200 चापाकलों को ठीक कराने लक्ष्य था, इसमें से 101 को ठीक कराया गया है. मोहनपुर और मोहिउद्दीननगर प्रखंड में 175 चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें से 89 को ठीक कराया गया है. पटोरी और विद्यापतिनगर प्रखंड में 200 चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य था, इसमें से 65 को ठीक कराया गया है. बिथान और हसनपुर प्रखंड में 175 चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य रखा गया था, इसमें से 98 को ठीक कराया गया है. खानपुर और वारिसनगर प्रखंड में दो चापाकलों को ठीक कराने का लक्ष्य था, इसमें से 195 को ठीक कराया गया है. रोसड़ा और विभूतिपुर प्रखंड में 185 चापाकल काे ठीक कराने का लक्ष्य था, इसमें से 106 को ठीक कराया गया है. सिंघिया और शिवाजीनगर प्रखंड में 175 चापकल ठीक कराने का लक्ष्य था, इसके एवज में 119 को ठीक कराया गया है. क्या है नल योजना की स्थिति मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना के तहत जिले के 4579 वार्डों में नल योजना लगाये गये हैं. इसकी देखरेख के लिये फिलवक्त 2992 अनुरक्षक कार्यरत हैं, इसमें अनुसूचित जाति के 893 अनुरक्षक हैं. 4524 वार्ड में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति का गठन किया जा चुका है. कब कहां पानी के लिये सड़क पर उतरे लोग 11 जून 2025 को शहर के बहादुरपुर मोहल्ला के वार्ड 22 में नल जल योजना का पानी नहीं मिलने के कारण आक्रोशित मोहल्लावासियों ने पुरानी दुर्गा स्थान के समीप समस्तीपुर-रोसड़ा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया. लोगों ने पिछले दो माह से पेयजल आपूर्ति में गड़बड़ी की बात कहकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारे लगाये थे. 13 जून 2025 को दलसिंहसराय पंचायत के कई वार्डों में दो सप्ताह से पानी नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने बांस बल्ला लगाकर बाजितपुर वार्ड-9 के पास एनएच 28 को जाम कर दिया था. यहां नल जल का मोटर जलने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित है. 15 जून को सरायरंजन नगर पंचायत के वार्ड-9 के लोग पानी की कमी से आक्रोशित होकर सड़क जाम कर विरोध जताया. सड़क पर बांस लगाकर घटहो-सरायरंजन पथ को जाम रखा. लोगों का आरोप था कि 60 घर में दो माह से पानी नहीं मिल रहा है. 16 जून 2025 को पूसा प्रखंड के गंगापुर पंचायत के अस्पताल चौक पर नल जल का मोटर जल जाने के कारण प्रभावित ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. साथ ही करीब पांच घंटा से अधिक ताजपुर-पूसा मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित रखा. श्रीरामपुर अयोध्या गांव के वार्ड 8 में विगत 10 दिनों से ज्यादा समय से नल जल योजना का मोटर खराब होने से परेशानी हो रही है.

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