मोरवा में 'प्रभात खबर' की रिपोर्ट का बड़ा असर, जर्जर झोपड़ियों वाले आंगनबाड़ी केंद्र होंगे शिफ्ट

मोरवा प्रखंड के दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर झोपड़ियों में चल रहे थे, जिससे बच्चों की जान खतरे में थी. प्रभात खबर की रिपोर्ट पर डीएम ने संज्ञान लेते हुए तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का आदेश दिया है.

Morwa Anganwadi Shifting: मोरवा प्रखंड क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से असुरक्षित और जर्जर झोपड़ियों में संचालित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्रों के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं. इन केंद्रों में आने वाले मासूम बच्चों को अब पास के सरकारी विद्यालयों, अन्य सरकारी भवनों या किराए के सुंदर व पक्के मकानों में बिठाकर शैक्षणिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी. नए और सुरक्षित भवनों में बैठकर बच्चे अब बिना किसी डर के अपना भविष्य संवार सकेंगे और उन्हें किसी भी प्रकार के हादसे या जोखिम का खतरा नहीं रहेगा. गौरतलब है कि विगत 7 जुलाई को इस गंभीर जनसमस्या को लेकर 'प्रभात खबर' में एक विस्तृत रिपोर्ट प्रमुखता से प्रकाशित की गई थी.

डीएम ने लिया त्वरित संज्ञान, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

अखबार में छपी खबर में दर्जनों आंगनबाड़ी केंद्रों के जर्जर झोपड़ियों में चलने और इसके बावजूद किराए का भुगतान किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था. इस संवेदनशील मामले पर समस्तीपुर के जिलाधिकारी (डीएम) रोशन कुशवाहा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए एक उच्चस्तरीय निर्देश जारी किया है. डीएम ने अविलंब ऐसे सभी जर्जर केंद्रों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने का हुक्म दिया है. जारी आधिकारिक पत्र में साफ कहा गया है कि समाज कल्याण विभाग के निर्देशानुसार इन केंद्रों को या तो निकटवर्ती सरकारी विद्यालय में शिफ्ट कराया जाए अथवा किराए के पक्के मकान का चयन कर वहां संचालन शुरू हो. एक सप्ताह के भीतर आदेश का पालन न करने वाले दोषी पदाधिकारियों पर सख्त विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.

15 सालों से जान जोखिम में डाल रहे थे बच्चे, जनता ने जताया आभार

बताते चलें कि मोरवा प्रखंड क्षेत्र में पिछले 15 सालों से 40 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए काफी असुरक्षित माने जाने वाले झोपड़ों या अत्यंत जर्जर भवनों में चल रहे थे, जिससे पूर्व में कई हादसे भी हो चुके थे. बार-बार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद पूर्व में कोई कार्रवाई नहीं हुई थी, जिससे अभिभावक भी सहमे हुए थे. सीडीपीओ को भी कई बार सेविकाओं द्वारा इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन व्यवस्था नहीं हो पाई थी. अब प्रशासनिक स्तर पर त्वरित एक्शन होने से स्थानीय जनता और अभिभावकों ने जिलाधिकारी को साधुवाद दिया है, साथ ही जनसरोकार की खबर को प्रमुखता से उठाने के लिए 'प्रभात खबर' की जमकर सराहना की है.

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