Samastipur News: हसनपुर : प्रखंड सहित आसपास के क्षेत्र में किसान व्यवसायिक खेती की ओर काफी बढ़ते जा रहे हैं. क्षेत्र में गन्ने की खेती की जा रही है. ऐसे में किसान मक्का, केले व अन्य नगदी फसलों की रुझान बढ़ा रहे हैं. इसका परिणाम है कि क्षेत्र में काफी क्षेत्रफल में गन्ना, मक्का सहित अन्य नगदी फसलों की खेती शुरू हो चुकी है. दूसरी ओर कई दिनों से तेज हवा के साथ हुई बारिश से किसानों को नुकसान पहुंचा है. केला, धान व लत्तीदार सब्जी को नुकसान पहुंचा है. काफी संख्या में केला के पौधे गिर गये हैं. धान के खेतों में पानी लगाने व सब्जी के फसलों में पानी लग जाने से किसानों को उपज पर प्रभाव पड़ने का डर सताने लगा है. केला उत्पादक किसान रामपुर निवासी राजीव कुमार राय ने बताया कि केला की खेती में करने से लोगों को रुचि बढ़ी है. ऐसे में मौसम की बेरुखी से केला की फसल गिर जाने से उनको नुकसान होने का डर सता रहा है. केले के एक पौधे में 100 से 125 रुपए तक की लागत आती है. बारिश होने के कारण फसल गिर जाने से दाम नहीं मिल रहा है. जिससे किसान मायूस हैं. नयानगर, सकरपुरा, रामपुर, शासन आदि गांव में कई एकड़ में गन्ने की खेती की जा रही है. उन्होंने बताया कि इसके लिए उद्यान विभाग की ओर से स्थानीय केला उत्पादक किसानों को प्रशिक्षण देने की जरूरत है. इससे मौसम की बेरुखी होने पर फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है. इधर, पटसा के किसान प्रभाषचंद्र झा ने भी धान व सब्जी को नुकसान होने के बारे में बताते हुए बताया कि किसानों के नुकसान के लिए सरकार को आर्थिक मदद करनी चाहिए.
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