समस्तीपुर: इतिहास संकलन समिति उत्तर बिहार तथा ज्ञान टॉपर ट्यूटोरियल्स के संयुक्त तत्वावधान में दरभंगा इकाई की अध्यक्षता में बाबा साहब आप्टे की जयंती पर समर्पण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में शिक्षा, शिक्षक की भूमिका और राष्ट्र निर्माण में व्यक्तिगत दायित्व जैसे विषयों पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे.
समाज निर्माण में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
एसडीओ किशन कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए शिक्षा और शिक्षक की भूमिका को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज को दिशा देने में शिक्षकों के योगदान को महत्वपूर्ण बताया.
राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा
इतिहास संकलन समिति, उत्तर बिहार के उपाध्यक्ष प्रो. डॉ. संजय झा ने कहा कि बाबा साहब आप्टे का जीवन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण, संगठन एवं सेवा की प्रेरणा देता है.
उन्होंने कहा कि उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि राष्ट्र निर्माण केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज और देश के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन से होता है.
शिक्षा से व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण
डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षण दर्शन का उल्लेख करते हुए प्रो. डॉ. संजय झा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, विवेक और चरित्र का निर्माण करना भी है.
कार्यक्रम में डॉ. एसपी सिंह, प्रशांत कुमार, राजा कुमार, सतीश कुमार और सुधीर कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे.
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