समस्तीपुर की मिंत्रा देवी की संघर्ष कहानी, ठेला खींचकर पाल रही हैं पूरा परिवार

समस्तीपुर के दादनपुर गांव की मिंत्रा देवी आज कई लोगों के लिए मिसाल हैं. आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने वह काम चुना जो आमतौर पर पुरुष करते हैं - मवेशियों के लिए चारा लाने हेतु ठेला खींचना.

Samastipur Inspirational Story: मोरवा प्रखंड के हलई थाना क्षेत्र स्थित लड़ुआ पंचायत के दादनपुर गांव की रहने वाली मिंत्रा देवी का संघर्ष आज कई लोगों के लिए मिसाल बन गया है. परिवार की आर्थिक तंगी ने उन्हें ऐसा काम करने के लिए मजबूर कर दिया, जिसे लोग आमतौर पर पुरुषों से जोड़कर देखते हैं. वह कई वर्षों से ठेला खींचकर मवेशियों के लिए चारा लाती हैं और उसी के सहारे पूरे परिवार का गुजारा कर रही हैं.

यह भी पढ़ें: पहले शादी का झांसा, फिर कोर्ट मैरिज... अब 5 लाख दहेज नहीं देने पर घर से निकालने का आरोप

हर दिन 6 किलोमीटर तक ठेला खींचने की मजबूरी

मिंत्रा देवी, वार्ड संख्या-8 निवासी विनोद सहनी की पत्नी हैं. उनका कहना है कि रोजाना अपनी वृद्ध सास के साथ ताजपुर-हलई मुख्य सड़क पर करीब छह किलोमीटर तक ठेला खींचकर चौर से मवेशियों का चारा लाना पड़ता है.

इसी मेहनत के सहारे मवेशियों का पालन-पोषण होता है और परिवार की रोजी-रोटी चलती है.

सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने का आरोप

मिंत्रा देवी का कहना है कि उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला. न मनरेगा के तहत रोजगार मिला और न ही महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं का फायदा.

उनका कहना है कि यदि समय पर सरकारी सहायता और रोजगार मिलता, तो उन्हें सड़क पर ठेला खींचकर परिवार चलाने की नौबत नहीं आती.

बेबसी के बीच संघर्ष की मिसाल

कड़ी धूप हो या बारिश, मिंत्रा देवी अपनी वृद्ध सास के साथ रोज चारा लाने निकलती हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत के दम पर परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.

सहायता की उम्मीद

मिंत्रा देवी को उम्मीद है कि उनकी स्थिति पर प्रशासन और सरकार ध्यान देगी, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और रोजगार का लाभ मिल सके. उनका कहना है कि यदि नियमित सहायता मिल जाए तो परिवार का जीवन कुछ आसान हो सकता है.

यह भी पढ़ें: 21 साल से वही स्वाद… मुजफ्फरपुर के इस समोसे के लिए आज भी दूर-दूर से पहुंचते हैं लोग


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Manoj kumar verma

Published by: Aaruni Thakur

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >