मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण पर 15 दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा में मशरूम उत्पादन और प्रसंस्करण पर मुख्य प्रशिक्षकों के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ना है. प्रशिक्षण में उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

Samastipur News: डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा स्थित एडवांस सेंटर ऑफ मशरूम रिसर्च के सभागार में मशरूम उत्पादन एवं प्रसंस्करण विषय पर मुख्य प्रशिक्षकों के लिए 15 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने की. उन्होंने कहा कि मुख्य प्रशिक्षकों की भूमिका केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि किसानों, उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ना भी है.

Pusa News: मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों पर प्रशिक्षण

निदेशक अनुसंधान डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान मुख्य प्रशिक्षकों को बटन, ऑयस्टर, मिल्की और शिटाके जैसी मशरूम प्रजातियों के उत्पादन, पोषण मूल्य और बाजार की मांग की विस्तृत जानकारी दी जाएगी. साथ ही कम लागत में वैज्ञानिक तरीके से मशरूम उत्पादन कर किसानों की आय बढ़ाने के उपाय बताए जाएंगे.

उत्पादन से प्रोसेसिंग तक मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण

मशरूम विशेषज्ञ डॉ. दयाराम ने बताया कि प्रशिक्षण में कम्पोस्ट तैयार करना, बैग भरना, बीज डालना, इन्क्यूबेशन, नमी नियंत्रण, तुड़ाई और सुरक्षित भंडारण का लाइव प्रदर्शन कराया जाएगा. प्रतिभागियों को मशरूम सुखाने, पाउडर, अचार, सूप मिक्स, पैकेजिंग और ब्रांडिंग की तकनीकों से भी अवगत कराया जाएगा, ताकि उत्पाद का मूल्य बढ़ाया जा सके.

किसानों को उद्यमी बनाने पर रहेगा फोकस

विशेषज्ञों ने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रतिभागियों को केवल उत्पादन तकनीक सिखाना नहीं, बल्कि बाजार, पैकेजिंग, सरकारी योजनाओं और विपणन से भी जोड़ना है. प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी 100 से 200 बैग से मशरूम उत्पादन शुरू कर सफल उद्यमी बन सकेंगे. रोग नियंत्रण, स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे.

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By Subash chandra ku

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