Samastipur News: समस्तीपुर बीआरबी कॉलेज में इंटर्नशिप के नाम पर कथित अवैध वसूली और निजी कंपनियों को दिए गए टेंडर के विरोध में छात्रों के आंदोलन के बाद बड़ा फैसला लिया गया है. संयुक्त छात्र संगठन के प्रतिनिधियों ने दावा किया है कि कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय स्तर पर हुई वार्ता के बाद टेंडर व्यवस्था रद्द कर दी गई है तथा छात्रों से ली गई राशि वापस की जाएगी.
छात्र संगठनों ने किया था प्रदर्शन
बीआरबी कॉलेज परिसर में संयुक्त छात्र संगठन के नेतृत्व में कॉलेज प्रशासन की कार्यशैली और इंटर्नशिप प्रक्रिया के विरोध में प्रदर्शन किया गया था. छात्र नेताओं का आरोप था कि छात्रों पर चार निजी कंपनियों की इंटर्नशिप व्यवस्था जबरन थोपी जा रही थी.
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की ओर से 23 मई को विश्वविद्यालय के कुलपति, कॉलेज प्रशासन और अनुमंडल पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर इस व्यवस्था का विरोध दर्ज कराया गया था.
आंदोलन में कई छात्र संगठन हुए शामिल
आंदोलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष राजन कुमार वर्मा ने की. इस दौरान आईसा और एआईएसएफ के छात्र प्रतिनिधियों ने भी समर्थन दिया.
मौके पर आईसा के दीपक यादव, विवेक कुमार, धीरज कुमार तथा एआईएसएफ के अविनाश कुमार और अभिषेक आनंद सहित अन्य छात्र नेता मौजूद रहे.
वार्ता के बाद लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में छात्र प्रतिनिधियों और कॉलेज प्रबंधन के बीच वार्ता हुई. छात्र नेताओं ने बताया कि विश्वविद्यालय के कुलपति से बातचीत के बाद इस संबंध में नोटिस जारी किया गया.
अवैध वसूली की राशि लौटाने का निर्णय
छात्र नेताओं के अनुसार इंटर्नशिप के नाम पर छात्रों से ली गई 1000 और 1500 रुपये की राशि वापस की जाएगी.
भविष्य में कॉलेज प्रशासन किसी निजी कंपनी को इंटर्नशिप के लिए टेंडर जारी नहीं करेगा. अब छात्र अपनी सुविधा और इच्छा के अनुसार किसी भी संस्थान या कंपनी से इंटर्नशिप पूरी करने के लिए स्वतंत्र होंगे.
छात्र नेताओं ने इसे छात्रों के अधिकारों और एकजुटता की जीत बताया है.
