समस्तीपुर के रोसड़ा से मनोज कुमार ठाकुर की रिपोर्ट
BPSC Success Story: उदयनाचार्य कॉलेज, रोसड़ा में शनिवार को महाविद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र राजू कुमार के 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा में DSP तथा सुदर्शन कुमार शर्मा के SDM पद पर चयनित होने के उपलक्ष्य में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया. इस अवसर पर दोनों अधिकारियों को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया. समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
कॉलेज ने किया भव्य सम्मान
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय झा ने की. कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विनय कुमार तथा मंच संचालन डॉ. अमरेश कुमार सिंह ने किया. मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. मुकुल बिहारी वर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में राजेश कुमार सुमन मौजूद रहे.
गेटमैन से DSP बनने की संघर्षगाथा सुनाई
सम्मानित DSP राजू कुमार ने विद्यार्थियों से अपने संघर्षपूर्ण जीवन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्होंने गेटमैन के रूप में नौकरी करते हुए भी अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया. उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है. वहीं SDM सुदर्शन कुमार शर्मा ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से अनुशासन, नियमित अध्ययन और विषय की गहरी समझ विकसित करने की अपील की.
विद्यार्थियों के लिए बने प्रेरणास्रोत
प्रधानाचार्य प्रो. (डॉ.) संजय झा ने कहा कि यह सम्मान केवल दो अधिकारियों की उपलब्धि का उत्सव नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और शिक्षा जगत की सामूहिक सफलता का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता उसके परिवार, शिक्षकों और संस्थान के संयुक्त प्रयासों का परिणाम होती है. उन्होंने DSP राजू कुमार के संघर्ष की तुलना ‘माउंटेन मैन’ दशरथ मांझी के अदम्य संकल्प से करते हुए विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने की सलाह दी.
सफलता का नहीं होता कोई शॉर्टकट
मुख्य अतिथि प्रो. मुकुल बिहारी वर्मा ने दोनों अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे छात्र समाज और शिक्षा जगत की अमूल्य धरोहर होते हैं. राजेश कुमार सुमन ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर मेहनत, धैर्य और संघर्ष ही व्यक्ति को शिखर तक पहुंचाते हैं.
बड़ी संख्या में शिक्षक और छात्र रहे मौजूद
समारोह में डॉ. अनुराग, डॉ. राजन, डॉ. रतन, डॉ. श्याम सुंदर, डॉ. अरुण, बालबोध चौधरी, ललित मंडल सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. पूरा कार्यक्रम प्रेरणा, सम्मान और उत्साह का अद्भुत संगम बन गया.
