Samastipur News:दलसिंहसराय : शहर के चकबहाउद्दीन स्थित अल हसन टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में भारत में शिक्षा के विकास में मौलाना अबुल कलाम आजाद का योगदान विषय पर व्याख्यान का आयोजन हुआ. मुख्य अतिथि प्रो मो. फैज अहमद थे. शुभारंभ कालेज के प्राचार्य डॉ अबादुर रहमान अंसारी ने परिचय से किया. अतिथि प्रो. अहमद ने कहा कि मानव के विकास में सबसे महत्वपूर्ण कारक शिक्षा है. आजादी के बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था के निर्माण में देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. खासतौर से बेहतर शिक्षा और उसके लिए जरूरी शैक्षणिक नीति और विश्व स्तरीय अकादमिक संस्थानों की स्थापना में उनका योगदान महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मौलाना साहब की नजर में जितना महत्व उच्च शिक्षा का था उतना ही प्राथमिक शिक्षा का भी था. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बाद उनकी प्रासंगिकता और बढ़ जाती है. यह उनकी सोच के बेहद करीब है. देश के प्रथम शिक्षा मंत्री मौलाना आजाद का देश की आजादी में तो अहम योगदान रहा ही इसके अलावा शिक्षा व संस्कृति क्षेत्र में भी अभूतपूर्व योगदान रहा. उप प्राचार्य डॉ मो. ईनामउद्दीन ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर डॉ अकबरूल कादीरी, जांनिसार अनवर, अमरेन्द्र कुमार, दीपक कुमार झा, डॉ कामिनी कुमारी, निशांत कुमार, सुजीत कुमार वर्मा, शिवशंकर शर्मा आदि थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
