Samastipur News:सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अब तस्वीरों से होगी सत्यापित

सरकार के लाख प्रयास के बावजूद मिड डे मील योजना में लूट खसोट का खेल जारी है.

Samastipur News:समस्तीपुर : सरकार के लाख प्रयास के बावजूद मिड डे मील योजना में लूट खसोट का खेल जारी है. कहीं बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है तो कहीं बच्चों की अधिक उपस्थिति दिखाकर मिड डे मील की राशि हजम करने की कोशिश की जा रही है. अभी हाल ही में जिले के सरायरंजन प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय सरायरंजन के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार राम पर मिड-डे मील योजना में अनियमितता के आरोप में 37,526 रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है. प्रखंड साधन सेवी द्वारा विद्यालय का निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील योजना में कई अनियमितताएं पायी गयी. अब सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति को अब मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) योजना से लाभान्वित छात्रों की संख्या से सत्यापित किया जायेगा. इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत विद्यालयों को हर दिन होने वाली प्रार्थना सभा की तस्वीरें खींचकर भेजनी होंगी. जारी आदेश में कहा गया है कि विभागीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा सभी सरकारी स्कूलों के प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक/प्रभारी शिक्षक के माध्यम से प्रत्येक दिन विद्यालय में आयोजित होने वाली प्रार्थना सभा की तस्वीर मांगी गई है. यह तस्वीर अक्षांश और देशांतर के साथ ली जाएगी, ताकि स्थान की पुष्टि हो सके. प्राप्त तस्वीरों में बच्चों की उपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए. इन तस्वीरों में दिख रही उपस्थिति का मिलान मध्याह्न भोजन योजना से लाभान्वित छात्रों की संख्या के साथ किया जायेगा. यह सत्यापन प्रखंड साधन सेवी, जिला साधन सेवी या जिला स्तर के निरीक्षणकर्ता/पदाधिकारी द्वारा सुनिश्चित कराया जायेगा. यदि सत्यापन के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता पायी जाती है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक या प्रभारी शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा, जांच की रिपोर्ट की एक प्रति भी संबंधित उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जायेगी. इस कदम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में छात्रों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करना और मिड-डे मील योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना है. यह व्यवस्था स्कूलों में उपस्थिति के फर्जीबाड़े को रोकने में भी सहायक हो सकती है अगर सतत माॅनिटरिंग की जाये तो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >