Armed Home Guards: नगर विकास एवं आवास विभाग ने राज्य के शहरी क्षेत्रों और नगर निकायों की प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब जिले के सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों में सुरक्षा के दृष्टिकोण से सशस्त्र गृहरक्षकों (आर्म्ड होम गार्ड्स) की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. विभाग के विशेष सचिव शाहिद परवेज ने औपचारिक आदेश जारी कर सभी डीएम और एसपी को आवश्यक दिशा-निर्देश भेज दिए हैं.
निकायवार सुरक्षा का होगा सटीक आकलन
प्रशासनिक पत्र के अनुसार, बदलते शहरी परिवेश और सुरक्षा की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है. जिला और पुलिस प्रशासन को अपने जिलों में नगर निकायवार सुरक्षा स्थिति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है. परिसरों की आवश्यकता के अनुसार गृहरक्षकों की संख्या और रूपरेखा तय की जाएगी, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो सके.
प्रमुख बिंदु और वित्तीय ढांचा:
- सशस्त्र जवानों की तैनाती: सभी नगर निकायों के कार्यालयों और संपत्तियों की सुरक्षा में तैनात होंगे आर्म्ड होम गार्ड्स.
- वित्तीय व्यय: गृहरक्षकों के वेतन, भत्ते और अन्य खर्चों का वहन संबंधित नगर निकाय (नगर निगम/परिषद/पंचायत) खुद करेगा.
- सुरक्षा का माहौल: इस फैसले से सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा के साथ आम जनता के बीच कानून-व्यवस्था का विश्वास मजबूत होगा.
विभाग ने त्वरित क्रियान्वयन के लिए पत्र की प्रतिलिपि सभी नगर आयुक्तों और कार्यपालक अधिकारियों को भेज दी है.
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