स्वास्थ्य कर्मी प्रशिक्षण: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर में मंगलवार को स्वास्थ्य उपकेंद्रों के अंतर्गत कार्यरत सभी एएनएम कर्मियों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, सुलभ और पारदर्शी बनाना था. प्रशिक्षण सत्र के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों और डिजिटल तकनीकी प्रणालियों के कुशल क्रियान्वयन को लेकर कर्मियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं.
आईटीएमआईएस पोर्टल और एनीमिया मुक्त भारत पर जोर
कार्यक्रम के दौरान 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर दिशा-निर्देश साझा किए गए. अधिकारियों ने कहा कि जमीनी स्तर पर महिलाओं, किशोरियों और बच्चों में खून की कमी को दूर करने के लिए एएनएम की भूमिका सबसे अहम है. इसके साथ ही सभी एएनएम कर्मियों को आईटीएमआईएस (ITMIS) पोर्टल पर प्रशिक्षित किया गया और मौके पर ही उनकी आधिकारिक लॉगिन आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी कराई गई.
डिजिटल माइक्रोप्लान और एनसीडी स्क्रीनिंग का प्रशिक्षण
- टीकाकरण का डिजिटल माइक्रोप्लान : नियमित टीकाकरण की पहुंच हर पात्र बच्चे तक सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल माइक्रोप्लान तैयार करने और उसके सटीक अनुपालन के तौर-तरीके सिखाए गए.
- गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग : उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसे गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग प्रक्रिया का सघन अभ्यास कराया गया.
- ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि : स्क्रीनिंग के उपरांत पोर्टल पर रियल टाइम डेटा दर्ज करने और कार्यों की नियमित ऑनलाइन मॉनिटरिंग पर विशेष बल दिया गया.
अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवा सुधारने की अपील की
प्रशिक्षण सत्र में डब्ल्यूएचओ मॉनिटर एमडी शाहनवाज आलम, बीएचएम अनिल कुमार राय, ब्लॉक एमएंडई रामलाल, बीसीएम रंजना कुमारी और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे. स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी एएनएम से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में करने का आह्वान किया.
ये भी पढ़ें; बिजली संकट: ग्रिड से 24 घंटे आपूर्ति फिर भी घरों में अंधेरा, लोकल फॉल्ट और ट्रिपिंग से लोग बेहाल
