Samastipur News: उजियारपुर में दलित नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकाला गया. मार्च पीड़ित परिवार के घर से शुरू हुआ और विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए नारेबाजी की गई.
आरोपियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल की मांग
ऐपवा कार्यकर्ताओं ने सभी आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी, स्पीडी ट्रायल चलाकर कठोर सजा दिलाने, पीड़िता को न्याय, परिवार की सुरक्षा, बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर रोक लगाने तथा 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की.
प्रतिरोध मार्च का नेतृत्व प्रीति कुमारी, नीलम देवी, फूलन देवी, गुलशन आरा और गुड़िया खातून ने किया.
घटना को बताया मानवता को शर्मसार करने वाला
सभा को संबोधित करते हुए ऐपवा नेत्री एवं भाकपा-माले राज्य कमेटी सदस्य प्रीति कुमारी ने कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म की घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है. उन्होंने कहा कि यह मामला सरकार और प्रशासन के लिए भी चुनौती बना हुआ है. उनका आरोप था कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे हैं.
वहीं भाकपा-माले नेता महावीर पोद्दार ने कहा कि घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है.
इस मौके पर प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान, समीम मंसूरी, धनंजय प्रकाश, मो. फरमान, भीम सहनी, संजय पासवान, किरंजू देवी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.
