Samastipur News:विद्यालयों में ही बच्चों का बनाया जायेगा आधार कार्ड

जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधार कार्ड बनवाने के लिए अब आधार सेवा केन्द्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

Samastipur News: समस्तीपुर : जिले में सरकारी व निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आधार कार्ड बनवाने के लिए अब आधार सेवा केन्द्र जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जिले के हर प्रखंड में दो स्कूलों में आधार सेवा केन्द्र खोलने की विभागीय कवायद तेज हो गई है. जिले में अभी भी काफी संख्या में बच्चों का आधार नहीं बना है. स्कूलों में आधार सेवा केन्द्र खुलने से बच्चों को सुविधा होगी. इस संबंध में बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के एसपीडी की ओर से निर्देश जारी किया गया है. इसी आधार पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से प्रत्येक प्रखंड में दो-दो आधार सेवा केंद्र खोलने के लिए स्कूलों को चिह्नित किया जा रहा है. केंद्र सरकारी स्कूलों में ही खोले जायेंगे ताकि अभिभावक अपने बच्चों का आसानी से आधार बनवा सकें. इसमें सरकारी एवं निजी स्कूलों में नामांकित बच्चों का ही आधार कार्ड बनेगा. ये केंद्र नए सत्र शुरू होने से पहले खोल दिए जायेंगे. जिले के सरकारी स्कूलों में करीब 80 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड नहीं बना है. ई-शिक्षा कोष पर 85563 छात्र-छात्राओं की इंट्री बिना आधार कार्ड के ही हुई है. दूसरी तरफ जिले में छात्र-छात्राओं का आधार कार्ड बनवाने वाला 40 आधार केन्द्र विगत वर्ष 25 मार्च के बाद से ही बंद कर दिया गया है. हालांकि इससे पूर्व ही आधार कार्ड बनाने के दौरान नियम का उल्लंघन करने पर तकनीकी कारणों से सिर्फ कुछ ही आधार केन्द्र ही संचालित हो रहे थे. आधार कार्ड बनाने वाले केन्द्रों पर कई ऑपरेटर का आईडी ब्लॉक कर दिया गया, या फिर इन एक्टिव कर दिया गया. इन पर पेनाल्टी भी लगाई गई. ऐसे में अब छात्र-छात्राओं का अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए अन्य केन्द्रों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जहां अत्यधिक भीड़ से परेशानी उठानी पड़ रही है. बताते चले कि जिले के 2848 विद्यालयों में नामांकित 724616 छात्रों में से 85563 छात्र छात्र के पास आधार कार्ड नहीं है. डीईओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, जैसे-जैसे आधार कार्ड बनता जा रहा है, उसे ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है. ई शिक्षा कोष में बच्चों के नामांकन के दौरान रजिस्ट्रेशन में आधार की अनिवार्यता के कारण कई ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनके पास आधार कार्ड नहीं होने से उनका पहली कक्षा में नामांकन नहीं हो पा रहा था. शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में इसे देखते हुए पहली कक्षा में नामांकन के क्रम में बच्चों की आधार कार्ड की अनिवार्यता को शिथिल करने का निर्णय लिया था. जहां, पहली कक्षा के नामांकन में बच्चों के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता को शिथिल करने का निर्णय लिया गया है.

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Published by: Krishan mohan pathak

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