जलवायु परिवर्तन पर मंथन को जुटेंगे ‍वैज्ञानिक

पूसा : डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में 22 से लेकर 24 दिसंबर तक जलवायु परिवर्तन को सुव्यविस्थत करने को लेकर देश के राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का जमावड़ा लगेगा. इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ आरसी श्रीवास्तव करेंगे. सम्मेलन के मूल मकसद के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 21, 2016 5:21 AM

पूसा : डाॅ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में 22 से लेकर 24 दिसंबर तक जलवायु परिवर्तन को सुव्यविस्थत करने को लेकर देश के राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय वैज्ञानिकों का जमावड़ा लगेगा. इसकी अध्यक्षता कुलपति डॉ आरसी श्रीवास्तव करेंगे. सम्मेलन के मूल मकसद के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए वरिष्ठ वैज्ञानिक सह ऑर्गेनाइजर सचिव डाॅ एमएन झा ने बताया कि आज के दिन मानव सभ्यता बड़े ही बुरे दौर से गुजर रही हैं.

इसे चुस्त-दुरुस्त करने के लिए मौसम के बदलते हुए परिवेश में सूक्ष्म जीवाणु संसाधन का खाद्य सुरक्षा के लिए प्रबंधन विषय पर तीन दिनी वैज्ञानिकों का सम्मेलन आहूत किया किया जा रहा है. इसमें हरित क्रांति में आनेवाले कठिनाइयों को दूर करते हुए नवीनतम तकनीक विकसित की जा सकती है. अब जरूरत है कृषि को वातावरण के अनुसार सुव्यवस्थित करने की. कृषि को सुव्यवस्थित करने में सूक्ष्म जीवाणु का रोल अहम माना जा रहा है. बता दें कि वर्ष 1904- 05 में भी पूसा की इसी धरती पर इन विषयों पर शोध की शुरुआत की गयी थी. उस समय बताये गये रास्ते पर पूर्णरूप से अमल नहीं किये जाने के कारण अनुसंधान असफल रहा. एक बार फिर पूसा की पावन धरती पर शिक्षा व अनुसंधान के कामों के लिए देश व विदेश वैज्ञानिक जुटेंगे. इस सम्मेलन में देश के विभिन्न प्रांतों से वैज्ञानिक हिस्सा लेंगे. वहीं सत्र के अंतिम दिन वैज्ञानिक क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों के साथ अपने ज्ञान का आदान-प्रदान भी करेंगे.

22 से आयोजित सम्मेलन में हरित क्रांति के िलए तकनीक विकसित करने पर रहेगा फोकस
सूक्ष्म जीवाणु सहित खाद्य सुरक्षा पर होगा विमर्श
अंतिम दिन वैज्ञानिकों व किसानों में होगा संवाद