मोरवा. दो पंचायतों को जोड़ने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसपर सात सालों से लोगों का चलना बंद है. बाजितपुर करनैल और केशोनारायणपुर पंचायत को स्टेट हाइवे से जोड़ने वाली यह सड़क कभी क्षेत्र के लोगों की शान समझा जाता था. इसके बाधित होने से लोगों को सात किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है. वर्ष 2007 में आयी भीषण बाढ़ के बाद इसमें टैकुना चौक के आगे दो बड़े पुल बना दिये गये. बस यही से इसकी बदहाली शुरू हो गयी. पुल तो बन गया लेकिन लोगों का चलना बंद हो गया. पुल इतना उंचा हो गया कि इससे पार करना खतरा से खाली नहीं रहा. अब तो हालत इस कदर खराब हो गयी है कि लोग इस सड़क को ही भूलने लगे हैं. लोग वैकल्पिक मार्ग से अपना काम किसी तरह चला रहे है. लोगों का कहना है कि आज वैसे सड़क का भी निर्माण हो रहा है जिसपर आदमी यदाकदा ही चलते हैं लेकिन इतना महत्वपूर्ण सड़क सात बरसों से उद्घारक की बाट जोह रहा है.
उपेक्षा का शिकार हुआ चकभेली केशोनारायणपुर पथ
मोरवा. दो पंचायतों को जोड़ने वाली तीन किलोमीटर लंबी सड़क अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है. इसकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इसपर सात सालों से लोगों का चलना बंद है. बाजितपुर करनैल और केशोनारायणपुर पंचायत को स्टेट हाइवे से जोड़ने वाली यह सड़क कभी क्षेत्र के लोगों की शान समझा जाता […]
