प्रखंड क्षेत्र में मूर्ति चोरी की पांचवीं घटनाअब तक किसी में भी नहीं मिला है सुरागमोरवा. प्रखंड क्षेत्र में मूर्ति चोरों का हौसला किस कदर बुलंद है इसका जीता जागता उदाहरण मंगलवार की घटना है. इस क्षेत्र के पांच ठाकुरबाडि़यों से अब तक करोड़ों रुपये कीमत की मूर्तियां चोरी जा चुकी है. लेकिन अब तक सभी मामलों में पुलिस के हाथ खाली बताये जा रहे हैं. वर्ष 2008 में लरुआ, 2013 में मोरवा राय टोली, 2014 में रघुनाथपुर और कुमैया तथा 2015 में मोरवा उत्तरी से मूर्ति चोरी हो चुकी है. इन सभी मामलों में पुलिस मामले की छानबीन करती रही और चोर एक के बाद एक घटना को अंजाम देते रहे. लोगों के धार्मिक भावना को तो ठेस पहुंच ही रही है. चोरों के हौसले भी बुलंदी पर नजर आ रहे हैं. लोगों का कहना है कि मंदिर और ठाकुरबाड़ी प्रबंधन भी इसके लिये कम जिम्मेवार नहीं है. जहां लाखों की मूर्तियां और संपत्ति पड़ी रहती है लेकिन उसकी सुरक्षा की मुकम्मल व्यवस्था नहीं की जा रही है. कहीं अत्यंत वृद्घ तो कहीं मूक बधिर लोगों को इसके सुरक्षा की कमान सौंपी गयी है. मंगलवार वाली घटना में सुरक्षा व्यवस्था में कमियां खुलकर सामने नजर आ रही है. इस मंदिर के लिए कोई स्थायी पुजारी न होने की बात लोगों द्वारा बतायी जा रही है. मंदिर का जब रखवाला ही कोई नहीं रहा तो चोरों के तो हौसले बुलंद होंगे ही. वैसे पुलिस सूत्रों की माने तो चोरों पर नकेल कसने के प्रयास किये जा रहे हैं. पुलिस मामले का उद्भेदन करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है.
पहले भी कीमती मूर्तियों को उठा ले गये हैं चोर
प्रखंड क्षेत्र में मूर्ति चोरी की पांचवीं घटनाअब तक किसी में भी नहीं मिला है सुरागमोरवा. प्रखंड क्षेत्र में मूर्ति चोरों का हौसला किस कदर बुलंद है इसका जीता जागता उदाहरण मंगलवार की घटना है. इस क्षेत्र के पांच ठाकुरबाडि़यों से अब तक करोड़ों रुपये कीमत की मूर्तियां चोरी जा चुकी है. लेकिन अब तक […]
