10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ समारोहपूर्वक समापनबच्चों को चित्रकला के लिए उत्साहित कर गये अतिथिसमस्तीपुर. कला विचारों को अभिव्यक्त करता है. इससे हमारी ऊर्जा सकारात्मक होती है. प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है. यह बातें डा. महेंद्र शर्मा ने कही. वे गुरुवार को मिथिला पेंटिंग और फाइन आर्ट प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि बच्चों को संबोधित कर रहे थे. शहर के होली मिशन स्कूल में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए सिटी सेंट्रल स्कूल के संस्थापक संजीव पांडेय ने कहा कि बच्चे बेहतर पेंटिंग तैयार करें यहीं उनकी इच्छा है. बीआरबी कॉलेज के प्रो. नरेश कुमार विकल ने कहा कि जब धरती पर शब्द का प्रचलन नहीं था तो चित्रकला ही अभिव्यक्ति का माध्यम था. मिथिला पेंटिंग हमे विरासत में मिली है. इसे बढाने का जिम्मा हमलोगों का है. वहीं नरेंद्र ने कहा कि कला हमारे जीवन को पूर्णता: प्रदान करती है. जिसके जीवन में कला उतर जाती है, उसका जीवन आनंदमय हो जाता है. अतिथियों का स्वागत व मिथिला पेंटिंग की एक प्रति देकर होली मिशन स्कूल के व्यवस्थापक ने किया. उन्होंने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह आयोजन करने के लिए आग्रह किया. कार्यक्रम के अंत में अतिथियों ने पांच फलदार पौधा लगाकर पर्यावरण सुरक्षित रखने का संकल्प लिया.
कला भाव अभिव्यक्ति का साधन : डा. शर्मा
10 दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का हुआ समारोहपूर्वक समापनबच्चों को चित्रकला के लिए उत्साहित कर गये अतिथिसमस्तीपुर. कला विचारों को अभिव्यक्त करता है. इससे हमारी ऊर्जा सकारात्मक होती है. प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है. यह बातें डा. महेंद्र शर्मा ने कही. वे गुरुवार को मिथिला पेंटिंग और फाइन आर्ट प्रशिक्षण शिविर के समापन सत्र […]
