रात्रि प्रहरी को निलंबित करने की शुरू हुई कार्रवाई

समस्तीपुर. जिला उद्योग केंद्र के रात्रि प्रहरी नवल किशोर पोद्दार की निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इस बावत जानकारी देते हुए जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक राम शरण राम ने बताया कि विभाग की ओर से उनके निलंबन के लिये पत्र लिखा जा रहा है. बताते चलें कि रात्रि प्रहरी को […]

समस्तीपुर. जिला उद्योग केंद्र के रात्रि प्रहरी नवल किशोर पोद्दार की निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है. इस बावत जानकारी देते हुए जिला उद्योग केंद्र के परियोजना प्रबंधक राम शरण राम ने बताया कि विभाग की ओर से उनके निलंबन के लिये पत्र लिखा जा रहा है. बताते चलें कि रात्रि प्रहरी को मंगलवार को 12 हजार की राशि घूस लेते निगरानी की टीम ने रंगे हाथ जिला उद्योग केंद्र से धर दबोचा था. जिसके बाद उन्हें अग्रेतर कार्रवाई के लिये पटना ले जाया गया है. बता दें कि जिला उद्योग केंद्र में कार्यरत रात्रि प्रहरी बड़ा ही रसूख वाला था. उसके आगे विभाग के किसी भी कर्मचारी की कोई हैसियत नहीं थी. उसके इस रसूख में आला अधिकारियों की नजदीकी ही मुख्य कारण थी. सूत्रों की मानें तो प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के लिये ऋण वाले आवेदनों पर इसकी खूब चलती थी. कई आवेदकों का कहना था कि पीएमइजीपी के आवेदनों के लिये एक मुश्त राशि बंधी रहती थी. इसमें दस लाख तक के ऋणों के लिये 10 हजार तक व उससे उपर के ऋणों पर 25 हजार तक राशि की मांग की जाती थी. अगर आवेदक राशि नहीं देते थे तो कोई न कोई बहना बनाकर महीनों आवेदन पत्रों को लंंबित रखा जाता था. रात्रि प्रहरी की रसूख इस कदर हावी थी कि अधिकारियों के अनुमोदन के बाद भी फाइलें बीच रास्तें में ही अटकी रहती थी. बुधवार के दिन तो आम दिनों के भांति ही कार्यालय खुला था मगर एक बात सभी की जुबान पर थी कि अब बेरोजगारों को ऋण के लिये अपना घर बार बंधक नहीं लगाना पड़ेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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