दलसिंहसराय : मंजिल पाने की हो तमन्ना हो तो कोई राह कठिन नहीं, बस एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों इसे चरितार्थ कर दिखाया है दलसिंहसराय के लाल आलोक कृष्णा व अमन समीर ने.
यूपीएससी परीक्षा में 538वीं रैंक पाने वाले आलोक के घर जहां खुशी का माहौल है, वहीं दलसिंहसराय के लोग गदगद हैं़ अपनी सफलता का श्रेय कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति व हार न मानने की तमन्ना को देते हुए आलोक कहते हैं कि इनके पीछे माता- पिता व ईश्वर का आशीर्वाद है कि उन्हें अपना हौसला बनाये रखने की शक्ति मिलती रही़ उनकी पत्नी अनुपमा चौधरी हमेशा उन्हें प्रेरित करती रही़ व्यवसायी पिता शैलेन्द्र कुमार चौधरी व शिक्षिका मां विमल कुमारी के एकलौते पुत्र आलोक का कहना है कि उन्हें दूसरे प्रयास में सफलता मिली है़ पहले प्रयास में साक्षत्कार न होने पर उन्होंनें हिम्मत नहीं हारी व अपनी मंजिल को पाने के प्रयास में जुटे रह़े
सेंट जोसेफ दलसिंहसराय से दसवीं, डीएवी रांची से बारहवीं व बीआईटी मेसरा से बी़ टेक कर वर्तमान में सूरत में ओएनजीसी में मेटेरियल मेनेजमेंट ऑफिसर की नौकरी कर रहे आलोक प्रतियोगी छात्रों के लिए कहते हैं कि हार से घबरा कर हिम्मत नहीं हारना चाहिए. बस जीतने की तमन्ना रखकर हमेशा आगे बढ़ते रहना चाहिए. इधर, यूपीएससी की परीक्षा में 245वीं रैंक लाकर अपनी सफलता का परचम लहराने वाले गादो बाजिदपुर के अमन समीर के घर भी उत्सवी माहौल है़
रिटायर्ड शिक्षक पिता राम बालक दास व गृहिणी मां कमला देवी अपने पुत्र की सफलता पर फूले नहीं समा रहे हैं. घर वालों का कहना है कि इसरो में साइंटिस्ट की नौकरी को छोड़कर अमन दिल्ली में तैयारी में जुटा रहा़ अंतत: उसने अपनी मंजिल पा ली़ घरवालों ने बताया कि अमन का कहना है कि दायित्वों व कर्तव्यों के निर्वहन के साथ देश सेवा अहम है़
