शिवाजीनगर. प्रखंड के रजौर रामभद्रपुर, रहियार दक्षिण, करियन, मधुरापुर, रानीपरती सहित कई पंचायतों में आज भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. खास कर महिलाओं को काफी समस्या से रुबरु होना पड़ रहा है. खेतांे में फसल कट जाने के बाद पुरु ष तो किसी तरह दूर जाकर विभिन्न गाछियों में शौचालय से निबरित हो जाते हंै, लेकिन महिलाओं को लोक लज्जा के कारण अगली सुबह व देर रात को बाहर जाकर खुले में ही शौचालय निबरित होने को मजबूर होना पड़ता है. पूर्व में प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में शौचालय के दौरान महिलाओं व लड़कियों के साथ छेड़खानी करने जैसी घटना भी घट चुकी है. इधर केंद्र सरकार से ले बिहार सरकार स्वच्छ वातावरण के लिए कई तरह की योजना चला रखी है. जिसमें हर घर को शौचालय मुहैया कराने को पदाधिकारी को सख्त निर्देश दे चुके हैं, बावजूद इसके क्षेत्र के पंचायतों में आज भी लोग शौचालयविहीन रहने के कारण लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. सरकार के सभी दावा व निर्देश का पालन सही रूप देखने को मिल रहा है. रहियार दक्षिण के मुखिया वकील देवी ने बतलाया कि पंचायत के लोग शौचालय के लिये दर दर भटक रहे हैं. कोई भी विभाग के लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हैं. बता दें कि कई महीनों पहले पंचायतों में हजारों लोग शौचालय के लिये आवेदन मुखिया के पास दे चुके हैं और शौचालय निर्माण के नाम पर कई एनजीओ ने अधूरे हालत में छोड़कर अपनी जेब गरम कर चुके हैं.
निर्मल योजना से कोसों दूर शिवाजीनगर के कई गांव
शिवाजीनगर. प्रखंड के रजौर रामभद्रपुर, रहियार दक्षिण, करियन, मधुरापुर, रानीपरती सहित कई पंचायतों में आज भी लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हैं. खास कर महिलाओं को काफी समस्या से रुबरु होना पड़ रहा है. खेतांे में फसल कट जाने के बाद पुरु ष तो किसी तरह दूर जाकर विभिन्न गाछियों में शौचालय से […]
