पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में चल रहे विगत एक माह से कृषि समन्वयकों का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ. इसमें मुख्य अतिथि डीन डॉ एसके वासर्नेय ने कहा कि समय समय पर किसानों को प्रशिक्षण मिलने से उनका ज्ञान संवर्धन होता है. बदलते मौसम में किसानहित में एक कड़ी के रूप में कार्य कर किसानों की माली हालत को सुधार कर सरकारी योजना को धरातल पर प्राथमिकता देना है. बीज कृषि का मूल मंत्र है. बिहार के कृषि रोड मैप के बाद 20-25 प्रतिशत प्रमाणीकरण तक पहुंच गया है. इसे और बढ़ाने की जरूरत है. उत्पादकता बढ़ाने के लिए हर हाल में बीज के प्रभेद का गुणवत्ता बढ़ाने की आवश्यकता है. प्रशिक्षण की संयोजिका सह प्रसार शिक्षा के उपनिदेशक डॉ अरुणिमा कुमारी ने संचालन करते हुए कहा कि सभी प्रतिभागियों को दिनचर्या के अनुसार ही प्रशिक्षण देकर निपुण किया गया है.
प्रशिक्षण से ससमय ज्ञान संवर्धन : डीन
पूसा. राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के संचार केंद्र में चल रहे विगत एक माह से कृषि समन्वयकों का प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ. इसमें मुख्य अतिथि डीन डॉ एसके वासर्नेय ने कहा कि समय समय पर किसानों को प्रशिक्षण मिलने से उनका ज्ञान संवर्धन होता है. बदलते मौसम में किसानहित में एक कड़ी के रूप में कार्य कर […]
