350 नमूनों में 90 किसी न किसी तरह की अशुद्धता के हैं शिकार
समस्तीपुर : जिले में एक तो पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है. वहीं जिले के कई प्रखंडों में लिये गये चापाकलों के नमूनों में जैविक अशुद्धता व आयरन की मात्र निर्धारित सीमा से अधिक पायी गयी है.
ग्रामीण स्वच्छता अभियान के तहत लिये गये नमूनों के आंकड़े यह बयां कर रही है. यह अभियान 16 से 22 मार्च तक चलायी गयी थी. इसमें चलंत वाहन के माध्यम से गांव घरों से पेयजल के नमूने एकत्र किये गये थे. जिसकी जांच लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की जिला जांच प्रयोगशाला में की गयी थी.
बैक्टॉलॉजिकल अशुद्धता के कारण
– चापाकलों में चबूतरा का नहीं होना, त्नआस-पास मवेशियों को बांधना
– शौचालय व चापाकलों के बीच 10 मीटर से कम दूरी
– नालियों का निकट से गुजरना, त्न चापाकल के पास गंदगियों का जमा होना
आयरन से प्रभावित इलाके
प्रखंड पंचायत
मोहनपुर बघरा
शिवाजीनगर धर्मपुर के विशनपुर
बैक्टॉलॉजिकल अशुद्धता
प्रखंड इलाका नमूने
उजियारपुर पतैली पूर्वी 10
बेलारी 7
नमातुला 6
शिवाजीनगर रहियार दक्षिण 3
पटोरी सुल्तानपुर चौराही 3
