चौकीदारों-दफादारों को मिलेगा अब एसीपी का लाभ

उप सचिव ने जारी किया दिशा-निर्देश प्रतिनिधि, समस्तीपुरचौकीदारों व दफादारों के लिए खुशखबरी है. उनके लिए अच्छे दिन आ गये हैं. वषार्ें की लड़ाई और संघर्ष का फल मिलने ही वाला है. अब उन्हें भी एसीपी का लाभ मिल सकेगा. सरकार ने इसकी सिफारिश कर दी है. 25 साल से सरकारी कर्मचारी होते हुए भी […]

उप सचिव ने जारी किया दिशा-निर्देश प्रतिनिधि, समस्तीपुरचौकीदारों व दफादारों के लिए खुशखबरी है. उनके लिए अच्छे दिन आ गये हैं. वषार्ें की लड़ाई और संघर्ष का फल मिलने ही वाला है. अब उन्हें भी एसीपी का लाभ मिल सकेगा. सरकार ने इसकी सिफारिश कर दी है. 25 साल से सरकारी कर्मचारी होते हुए भी मजदूरी दिहाड़ी वाली ही मयस्सर थी. कहने को सरकारी वेतनमान तो मिलते रहे हैं, लेकिन रैंक व वेतनमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही थी. चौकीदार-दफादारों के विभिन्न संघों से एसीपी का लाभ जिलों में लंबित रहने की सरकार को लगातार सूचना मिल रही थी. उनके कड़े रूख के आगे सरकार को मांगें मान लेने को विवश होना पड़ गया है. सरकार के उप सचिव रामजीवन सत्यार्थी ने इस सिलिसले में दिशा-निर्देश जारी किया है. जिला योजना पदाधिकारी डी. राम ने बताया कि हकदारों को यह लाभ मिल जाने के बाद उनका रैंक व वेतनमान दोनों बढ़ सकेगा. सरकार ने पूर्व के फैसलों से जिलों को अवगत कराते हुए कहा है कि चौकीदार-दफादार एक जनवरी, 1990 से सरकारी कर्मचारी घोषित हैं. फलस्वरूप एसीपी का लाभ देने में कोई एतराज नहीं होना चाहिए. इस मामले में जांच कर लंबित भुगतान करने का निर्देश दिया गया है. चौकीदार-दफादारों का आर्थिक शोषण अंचलकर्मियों द्वारा करने की शिकायतें आम हैं. वहीं थानों में रिश्वत के बगैर काम भी नहीं मिल पाता. मानिसक रूप से प्रताडि़त भी किये जाते हैं. वेतन भुगतान करने, सेवांत लाभ देने, एरियर भुगतान करने में रिश्वत मांग की जाती है. दस वर्ष या उससे अधिक अवधि की सेवा कर चुके चौकीदारों-दफादारों एसीपी के हकदार होते हैं. जबकि जिले में कई ऐसे लोग हैं जो एसीपी का लाभ लिए बगैर ही सेवानिवृत हो चुके हैं. फिलहाल कई लोग सेवानिवृत्ति के कगार पर हैं.

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