समस्तीपुर. लूट में चरखा नफा वाली कहावत इन दिनों विद्यालय के लिए सटीक बैठ रही है़ नियोजित शिक्षक के हड़ताल पर जाने से क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय में तालाबंदी है़ यदि कहीं तालाबंदी नही है तो वहां बच्चों की उपस्थिति नदारद होती है़ इन सभी बातों से इतर विद्यालय में प्रभारी प्रधान के पद पर कार्यरत नियमित शिक्षक इसका भरपूर लाभ उठा रहे हैं़ विद्यालय में बच्चे हों या न हो इनके यहां बच्चों की उपस्थिति पूर्व की भांति दिखायी जा रही है़ कई विद्यालय ऐसे है जहां के प्रधान हड़ताल के बाद घर चले गये हंै, लेकिन एमडीएम का मैसेज भेजा जा रहा है़ समीक्षा के क्रम में पाया गया कि जिले के 2662 विद्यालयों में एमडीएम का संचालन हो रहा था. लेकिन, विगत नौ अप्रैल से नियोजित शिक्षकों के द्वारा जारी हड़ताल के कारण फिलवक्त 2460 स्कूलों में ही एमडीएम का संचालन बंद है. विभूतिपुर प्रखंड के उमवि चकबिदुलिया, सरस्वती संस्कृत प्राथमिक सह मवि चकबिदुलिया, मवि खम्हार, प्रावि पुरुषोत्तमपुर में एमडीएम चालू रहने की सूचना आइवीआरएस के माध्यम से दी गयी. उक्त सूचना के आधार पर बीआरसी लाल बाबू दास ने जब विद्यालय का निरीक्षण किया तो विभिन्न तिथियों में एमडीएम योजना बाधित पाया गया. जिला शिक्षा पदाधिकारी बीके ओझा ने बताया कि हड़ताल के बाद अधिकांश विद्यालय में तालाबंदी है़ कहीं कहीं नियमित शिक्षक आते भी हैं तो शिक्षक के अभाव में बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं़ उन्होंने बताया कि यदि एमडीएम की रिपोर्ट भेजी जा रही है तो इसकी जांच करायी जायेगी एवं दोषी के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी जायेगी.
घर बैठे शिक्षक पका रहे बच्चों के लिए एमडीएम
समस्तीपुर. लूट में चरखा नफा वाली कहावत इन दिनों विद्यालय के लिए सटीक बैठ रही है़ नियोजित शिक्षक के हड़ताल पर जाने से क्षेत्र के अधिकांश विद्यालय में तालाबंदी है़ यदि कहीं तालाबंदी नही है तो वहां बच्चों की उपस्थिति नदारद होती है़ इन सभी बातों से इतर विद्यालय में प्रभारी प्रधान के पद पर […]
