बिथान. प्रखंड क्षेत्र में 1192516 हेक्टेयर भूमि है. इसमें कृषि के योग्य 980773 हेक्टेयर भूमि है. इसमें 182455 हेक्टेयर भूमि सिंचित हैं जबकि 798318 हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र हैं. यहां के लोग कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर हैं. लेकिन किसान के सिंचाई के लिए सरकारी नलकूप एक भी नहीं हैं. पूर्व में तो नलकूप की सुविधा थी. किसान को अगर नलकूप की व्यवस्था हो जाय तो उनकी दशा और दिशा दोनों बदल जाती. लेकिन ऐसा हो नहीं सका है. जून जुलाई के महीने में कोसी, कमला करेह नदियों के पानी से तो फसलें हो जाती है लेकिन बाकी महीनों में फसल से ज्यादा कीमत पानी के लिए ही किसानों को चुकानी पड़ती है. इससे किसानी घाटे का सौदा बन जाता है. छोटे किसान मजदूरी के लिए दूसरे इलाके में चले जाते हैं. प्रखंड के किसानों को अगर सरकारी मदद से नलकूप खेत तक सुविधा हो जाय तो यहां किसान हरी सब्जी, दलहन, तेलहन समेत अन्य नकदी फसलों का उत्पादन कर अच्छी आय कर सकते हैं.
सरकारी नलकूप विहीन है बिथान प्रखंड
बिथान. प्रखंड क्षेत्र में 1192516 हेक्टेयर भूमि है. इसमें कृषि के योग्य 980773 हेक्टेयर भूमि है. इसमें 182455 हेक्टेयर भूमि सिंचित हैं जबकि 798318 हेक्टेयर असिंचित क्षेत्र हैं. यहां के लोग कृषि एवं पशुपालन पर निर्भर हैं. लेकिन किसान के सिंचाई के लिए सरकारी नलकूप एक भी नहीं हैं. पूर्व में तो नलकूप की सुविधा […]
