हाइस्कूल का दर्जा मिला शिक्षक नहीं

रोसड़ा. प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय महुली में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है. मध्य विद्यालय से उत्क्रमित कर विगत वर्ष हाइस्कूल का दर्जा तो मिल गया. 10 छात्रों का नामांकन भी हुआ. लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक पदस्थापना अब तक नहीं हुई. इससे नौंवी कक्षा में […]

रोसड़ा. प्रखंड के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय महुली में शिक्षक नहीं रहने के कारण पढ़ाई बाधित हो रही है. मध्य विद्यालय से उत्क्रमित कर विगत वर्ष हाइस्कूल का दर्जा तो मिल गया. 10 छात्रों का नामांकन भी हुआ. लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक पदस्थापना अब तक नहीं हुई. इससे नौंवी कक्षा में एक साल में चार लड़के ही कभी कभार स्कूल आये. वहीं इस बार की वार्षिक परीक्षा में भी मात्र छह लड़के ही शामिल हुए. शेष नामांकित का कोई अतापता स्कूल के पास नहीं है. स्कूल के भवन का निर्माण कार्य अब शुरू किया गया है. वर्तमान में उत्क्रमित किये गये राजकीय मध्य विद्यालय में ही एक कमरा को नौवीं कक्षा बनाया गया है. जो प्राय: बंद रहता है. अगर छात्र आ गये तो मध्य स्कूल के शिक्षक ही इनको पढ़ाते हैं. मध्य विद्यालय में शिक्षकों की संख्या मात्र नौ है जिसमें दो प्रतिनियोजित है. जबकि छात्रों की संख्या कुल 1023 है. शिक्षकों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है. अभिभावकों ने बताया कि उच्च विद्यालय में छात्र सिर्फ नामांकन, रजिस्ट्रेशन व परीक्षा देने ही जाते हैं. जबकि शिक्षकों के अभाव में निजी कोचिंगों पर ही इन्हें आश्रित रहना पड़ता है जिससे उनके जेब पर बोझ बढ़ता जा रहा है.

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