मोहिउद्दीननगर : मोहिउद्दीननगर विधानसभा क्षेत्र के रामचंद्रपुर दशहरा में निवास करने वाले समाजसेवी सुजीत भगत ने नियोजित शिक्षकों की समस्या, शिक्षण संस्थान से नित प्रतिदिन बैरंग लौटते बच्चों की ओर ध्यान आकृष्ट कराने के लिए राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा है़ उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं को लेकर इस तरीके के अलग-अलग एक पत्र सवार्ेच्च न्यायालय दिल्ली, उच्च न्यायालय पटना, राज्यपाल पटना और मानवाधिकार आयोग को भी दिया है़
अपने पत्र में सुजीत ने बिहार सरकार द्वारा शिक्षकों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीनता बरतने का जिक्र करते हुए समान कार्य के लिए समान वेतनमान को लागू नहीं करके संविधान की धज्जियां उड़ायी जाने का जिक्र किया है़ उन्होंने लिखा है कि बिहार सरकार एक साजिश के तहत आम आदमी को शिक्षा की धारा से कोसों दूर ले जाना चाहती है.
तभी तो शिक्षा के अधिकार अधिनियम की अवहेलना शिक्षकों के प्रति की जा रही है़ सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण जरूरतों को छोड़कर आम आदमी को प्रलोभन का शिकार बनाती है और वित्तीय संकट की बात कहती है़ जब हम शिक्षित ही नहीं होंगे तो मेरा देश व राज्य कैसे विकास करेगा़
