पूसा : वैनी ओपी अंतर्गत हुए पूर्व मुखिया संजीत कुमार मंटू की हत्या मामले में एक बार फिर से नया मोड़ आ गया. स्थानीय शिव मंदिर पर आपात बैठक कर ग्रामीणों ने इस तरह के अमानवीय कुर्की पर कड़ी भर्त्सना की.
साथ ही कहा कि कुर्की लिये गये मकान बहुत पूर्व में ही प्रभा देवी को उनके पिता दान स्वरूप दिये हुये है. इसमें संतोष कुमार उर्फ अन्नु तिवारी का कोई हिस्सा नहीं है.
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बीते दिन प्रशासन ने नाजायज ढंग से प्रभा देवी के मकान का कुर्की किया गया. इस आलोक में प्रभा देवी ने कहा कि वैनी ओपी अध्यक्ष सुनियोजित योजना के तहत कुर्की का अंजाम दिया.
जो इस बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार बिल्कुल अवैध एवं गैर जिम्मेदाराना हरक्कत साबित हुआ. इस तोड़फोड़ एवं जब्ती कुर्की में लगभग 10 लाख के सामान उठाकर वैनी पुलिस ले गयी है. साथ साथ चलने के क्रम में जबरदस्ती सादे कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिया गया. दो ट्रंक में छह भर सोना का गहना, बीस भर चांदी का गहना और कीमती कपड़ा सब उठा ले गयी. जिसका किसी भी तरह का पावती रसीद या सीजर लिस्ट बना कर नहीं दिया. ठीक इसी प्रकार की घटना सत्यम कुमार पिता सुधीर कुमार चौधरी के घर पर किया गया.
बैठक में समाज के बुद्धिजिवी के लोगों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि अपराध के खिलाफ हम है पर निदरेष को सजा नहीं मिलनी चाहिए. यह भी निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों के हस्ताक्षरयुक्त इस आवेदन को वरीय पुलिस पदाधिकारी तक ले जाया जाये. ताकि फिर से इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो सके. मुख्य रूप से बैठक में संतोष की मां प्रभा देवी के अलावे विभा देवी, नुतन देवी, आशा देवी, मिनु कुमारी, मंजु देवी, मनोरमा देवी, सुनीता देवी, राम एकबाल ठाकु र, मनोज शर्मा, सत्यनारायण, डा. अजय ठाकुर, चंद्रभूषण, ललन ठाकुर आदि मौजूद थे.
