समस्तीपुर : नप क्षेत्र में किसी भी नये भवन के निर्माण के पूर्व निबंधित वास्तुविद से नक्शा पास कराना आवश्यक है़
इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बिना नक्शा पास कराये ही निजी सहित व्यावसायिक भवनों का निर्माण हो रहा है़ एक चर्चा यह भी है कि नप के इंजीनियर के घालमेल से नियम कानून ताक पर रख कर भवन निर्माण का कार्य बेहिचक चल रहा है़
शहर के दर्जनों ऐसे मुहल्ले है जहां चारपहिये वाहन गली में नहीं जा सकते है़ं नतीजतन घर से बेटी को विदा करने का सपना भी टूट जाता है.
बोले शहरवासी
शहर के राजकुमार राय, विवके सिंह, बलराम शर्मा का कहना है कि शहर कैसा होगा, इसके मद्देनजर सरकार ने बिल्डिंग बायलज को मंजूरी दी है़ लेकिन, सरकार को पहले मास्टर प्लान को मंजूरी देनी चाहिए थी़ मास्टर प्लान लागू हो जाता और इसके बाद बिल्डिंग बाइलज लागू किया जाता, तो शहर की स्थिति और भी बेहतर बनती़
बिल्डिंग बाइलॉज की मंजूरी से थमेगी रफ्तार
नये बाइलज के मुताबिक 12 फुट से कम चौड़ी सड़क के किनारे आवासीय मकान का निर्माण नहीं होगा और 20 फुट से कम चौड़ी सड़क पर बहुमंजिली इमारत नहीं बनेगी़ कुल जमीन के डेढ़ गुना और अधिकतम साढ़े तीन गुना क्षेत्र के बराबर निर्माण हो सकेगा़ भवनों के निर्माण में आपदा प्रबंधन के पहलू को भी जोड़ा गया है़
15 मीटर से ऊंचे भवनों के निर्माण के लिए स्ट्ररल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट को नक्शे के साथ जमा करने का प्रावधान किया गया है़ अपार्टमेंट निर्माण के लिए न्यूनतम 800 वर्ग मीटर होना आवश्यक है़ बिल्डिंग बाइलज बोर्ड से मंजूरी मिले तो नियम कानून ताक पर रख कर बन रहे भवन निर्माण की रफ्तार थमेगी.
नहीं है निबंधित वास्तुविद्
नगर परिषद प्रशासन के पास निबंधित वास्तुविद नहीं होने की वजह से भवन बिना नक्शा पास कराये बना दिये जा रहे है़ इस वजह से नगर परिषद के अधीन वाडरें में दिन प्रतिदिन जिस रफ्तार से घरों की संख्या में वृद्धि हो रही है उसके अनुरुप होल्डिंग संख्या में बढ़ोतरी की रफ्तार काफी धीमी है़ जिसका असर नप के राजस्व पर भी पड़ रहा है. बताते चलें कि कोई भी भवन या बिल्डिंग बनाने से पहले नगर परिषद से उसका नक्शा पास कराना होता है़
नक्शा पास कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है़ मगर शहर में ऐसा कुछ भी नहीं है़ सब कुछ अधिकारियों की नजरों के सामने होते हुए भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
समस्तीपुर : शहर के मगरदही स्थित आवासीय परिसर में सोमवार को स्व. अखिलेश राय व रामउद्देश्य राय की नौवीं पुण्यतिथि मनायी गयी. इसकी अध्यक्षता अवधेश राय ने की. मंच संचालन प्रो. भूपेन्द्र राय ने की.
समारोह को राजद के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे ने संबोधित करते हुए कहा कि स्व. अखिलेश गरीब गुरबों व पिछड़ों के आवाज थे.
उनकी सच्ची श्रद्धाजंलि तभी होगी जब सामाजिक न्याय की शक्ति रोमा भारती के साथ एक होकर सांप्रदायिक शक्तियों को मुहतोड़ जवाब देंगे. वहीं तमाम नेताओं ने उनके व्यतित्व व कृतित्व की चर्चा की. मौके पर राजद के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष सह पूर्व सांसद आलोक कुमार मेहता, पूर्व सांसद अश्वमेघ देवी, पूर्व विधायक सुनील कुमार पुष्पम, विधायक अख्तरूल इस्लाम शाहीन, मंजू कुमारी, जिला परिषद अध्यक्ष रेणु राज, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अबू तमीम, विश्वनाथ साह, दुर्गेश राय, अनंत कुशवाहा, जयमंगल प्रसाद यादव, विनोद चौधरी, रामबालक पासवान, फैजूल रहमान फैज,मुनेश्वर सिंह, प्रेम प्रकाश शर्मा, जितेन्द्र सिंह चन्देल,
सत्यविंद पासवान, लाल बहादुर पंडीत, प्रो. भिखारी लाल सिंह, रघुवर राय, एसएस करीम,चन्देश्वर प्रसाद सिंह, ललन यादव, बनारसी ठाकुर, प्रो. शाहिद अहमद, प्रो. शिवशकंर राय, रौशन यादव, सुन्देश्वर राय, गुंजन देवी, कमलाकांत राय, मो. हकिम, अर्जन सहनी, संतोष पासवान, रामकुमार बैठा, पप्पु यादव, अनिता कुमारी, अनिता राय, नसीम अब्दुल्ला, रेहाना खातून, मनीष यादव, विद्यासागर राय,
लालबहादुर महतो, राजेश्वर महतो, प्रभु नारायण राय, दिनेश मालाकार, रामवरण महतो, रामउद्गार महतो, देबेन्द्र सिंह, चंदन प्रसाद, कपरी ठाकुर, विष्णुदेव प्रसाद सिंह, किरण देवी, उपेन्द्र महतो, रामविनोद पासवान, युगल राय, रत्नेश्वर सिंह, वीरेन्द्र कुमार, मदन राय, प्रमोद कुमार राय, रामांनद राय, रामप्रवेश राय, असर्फी लाल सिंह, अरविन्द पटेल, कुमारी सांवला, युगल किशोर चौधरी, दिलिप साह, अनिता राम, अर्चना देवी, अरूण प्रकाश सहित अन्य लोग मौजूद थे.
