आखिर इंसानों में क्यों बढ़ रही तेजाबी हमलों की प्रवृत्ति

दलसिंहसराय. आखिर इसे इंसानी दिमाग का फितुर कहें या फिर सोची समझी साजिश. मगर इन दिनों इंसानों में तेजाबी हमलों की प्रवृत्ति में इजाफा धीरे धीरे दिखने लगा है. हालांकि अधिकांश घटनाएं भूमि विवाद के मामलों में देखी गयी है लेकिन कुछेक मामले अन्य विवादों के चलते भी घटित हुई. लोगों का मानना है कि […]

दलसिंहसराय. आखिर इसे इंसानी दिमाग का फितुर कहें या फिर सोची समझी साजिश. मगर इन दिनों इंसानों में तेजाबी हमलों की प्रवृत्ति में इजाफा धीरे धीरे दिखने लगा है. हालांकि अधिकांश घटनाएं भूमि विवाद के मामलों में देखी गयी है लेकिन कुछेक मामले अन्य विवादों के चलते भी घटित हुई. लोगों का मानना है कि हथियारों की बजाये इन कामों में करने लगे हैं. अधिकांश लोगों का यह भी कहना है कि इस क्षेत्र में अधिकांश विवादों के पीछे भूमि विवाद के मामले सर्वाधिक है. इसकी वजह भूमाफियाओं व प्रोपर्टी डीलरों की ओर से अधिक लाभ पाने के चक्कर में कई विवादित जमीनों की खरीद बिक्री बतायी जा रही है. विवादित भूमि की खरीद फरोख्त का आलम यह है कि सस्ती भूमि को भी जबरन कब्जा दिलाने का भरोसा जता ऊंची कीमतों पर भी बेचने से नहीं चूकते. नाम न छापने की शर्त पर अधिकांश लोगों ने कहा कि भूमि माफियाओं पर कोई अंकु श किसी स्तर से नहीं रह गये है. मनमाने रूप से विवादित भूमि के साथ साथ अब तो मंदिर, मठ, ट्रस्ट समेत अन्य सरकारी जमीनों को निशाना बनाये जाने से ऐसी घटनाओं में इजाफा मिल रहा है.

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