पहले भी जमीन के लिए उड़ेले जा चुके हैं तेजाब

दलसिंहसराय. यूं तो तेजाब से हमले की घटना कोई नयी नहीं है. भूमि विवाद को लेकर पहले भी उड़ेले जा चुके हैं तेजाब. गौरतलब हो कि वर्ष 1998 में लहेरिया बाजार में जबरन भूमि कब्जा में तेजाबी हमले हुए थे. जबकि जिले के विभूतिपुर थाने के चकहब्बी गांव में 3 सितंबर 14 को भूमि विवाद […]

दलसिंहसराय. यूं तो तेजाब से हमले की घटना कोई नयी नहीं है. भूमि विवाद को लेकर पहले भी उड़ेले जा चुके हैं तेजाब. गौरतलब हो कि वर्ष 1998 में लहेरिया बाजार में जबरन भूमि कब्जा में तेजाबी हमले हुए थे. जबकि जिले के विभूतिपुर थाने के चकहब्बी गांव में 3 सितंबर 14 को भूमि विवाद को लेकर ढैंचा काटने के चलते एक पिता पुत्री को तेजाबी हमले का शिकार होना पड़ा था. इस घटना में मेढिनी राय व उनकी पुत्री बुरी तरह झुलस गयी थी. जिन्हें अनुमंडल अस्पताल में इलाज के बाद पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था. हालांकि घटना के पीछे ढैंचा काटने को लेकर उपजा विवाद बताया गया था. मगर दो युवकों ने नाबालिग के साथ बुरी नीयत से अश्लील हरकत भी की थी. दूसरी तरफ विद्यापतिनगर के सिमरी गांव में 29 मई 10 में ही जबरन भूमि कब्जा का विरोध करने पर पेशे से अधिवक्ता राजीव रंजन सिन्हा को भी तेजाबी हमले का शिकार होना पड़ा था. घटना के पीछे भूमि विवाद वजह बतायी गयी थी. वहीं छिटपुट घटनाओं को छोड़ तेजाबी हमले की बड़ी घटना मंगलवार को दलसिंहसराय के गंज रोड स्थित बिस्कोमान चौक के समीप हुई. जहां आधे दर्जन लोग तेजाबी हमला के शिकार बने. सबों की चिकित्सा करायी जा रही है.

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