समस्तीपुर. स्थानीय चीनी मिल मजदूर यूनियन की ओर से अपने हक को लेकर कई वर्षों से की जा रही कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया है. यूनियन के संयुक्त सचिव नागेश्वर कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मजदूरों को वर्ष 1997 के अप्रैल माह से सभी सुविधा व वेतन, भविष्य निधि आदि का भुगतान बिहार स्टेट सुगर कॉरपोरेशन करे. इसके लिए उच्चतम न्यायालय ने कॉरपोरेशन को चार माह का समय दिया है. ज्ञात हो कि चीनी मिल बंद होने के बाद से मजदूर लगातार मिल कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कॉरपोरेशन से वेतन भुगतान समेत अन्य सुविधाओं की मांग करती चली आ रही है. लेकिन, उस दिशा में पहल नहीं हो रही थी, जिसके बाद यूनियन के प्रतिनिधियों ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. कानूनी प्रक्रिया के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां से उसे वापस हाई कोर्ट भेजा गया था. इसके बाद हाई कोर्ट ने उसे निरस्त कर दिया था. इसके बाद यूनियन वापस सुप्रीम कोर्ट की शरण में गये थे. ज्ञात हो कि उच्चतम न्यायालय में गत 16 फरवरी को इससे संबंधित अपना फैसला सुनाया है. इससे स्थानीय चीनी मिल के मजदूरों में प्रसन्नता देखी जा रही है. यूनियन के संयुक्त सचिव ने कहा है कि उच्चतम न्यायालय ने मजदूरों के साथ न्याय कर न्यायालय के प्रति और भी आस्था गहरा कर दिया है.
समस्तीपुर चीनी मिल मजदूरों के पक्ष में दिया फैसला
समस्तीपुर. स्थानीय चीनी मिल मजदूर यूनियन की ओर से अपने हक को लेकर कई वर्षों से की जा रही कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट ने मजदूरों के पक्ष में फैसला सुनाया है. यूनियन के संयुक्त सचिव नागेश्वर कुमार ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मजदूरों को वर्ष 1997 के अप्रैल माह से […]
