पंकज हत्याकांड का खुलासा : पूछताछ में अपराधियों ने उगले कई राज
समस्तीपुर : मुफस्सिल थाना पर गुरुवार को गिरफ्तार अपराधियों नें एसपी सुरेश प्रसाद चौधरी के समक्ष घटना को सिलसिलेवार बयां किये. अपराधियों की मानें तो उसके दो अन्य सहयोगियों ने स्कॉर्पियो सहरसा जाने के लिये भाड़ा पर लिया.
इसके बाद सभी स्कॉर्पियो से दरभंगा की ओर चले. रास्ते में मो. मुन्ना ने स्कॉर्पियो चालक पंकज से जबरन गाड़ी ले लिया और उसे पीछे बैठने को कहा. चलती गाड़ी में ही अपराधियों ने पंकज को नशे की सूई लगा दी. इसके बाद वह बेहोश हो गया. पकंज के बेहोश होने पर अपराधियों ने उसका हाथ पांव बांध दिया. अपराधियों की मानें तो दरभंगा जाने के बाद उन लोगों ने सहरसा जाने के बजाय मुजफ्फरपुर की ओर मुड़ गये.
रास्ते में सुनसान जगह पाकर सभी अपराधी रुके और एनएच किनारे झाड़ी में पंकज को ले गये. वहां मो. मुन्ना ने तेज हथियार से उसका गला रेत दिया. इसके बाद पंकज की लाश को वहां छोड़ सभी अपराधी मुजफ्फरपुर चले गये. जहां स्कॉर्पियो का पचास हजार में सौदा तय हुआ. पच्चीस हजार लेकर अपराधियों ने गाड़ी दे दिया. अपराधियों की मानें तो बाकी रकम बाद में देने की बात हुई है.
ऐसे हुई थी घटना
शहर धर्मपुर चौक निवासी जितेंद्र दुघपुरा निवासी संजय कुमार बबलू की स्कॉर्पियो चलाता था. गत 29 जनवरी को जितेंद्र की रिश्तेदारी में शादी थी. इसी बीच अपराधियों में से एक ने उसे तीन दिनों के लिये सहरसा भाड़ा जाने को कहा. इस पर जितेंद्र ने गांव के ही पंकज को गाड़ी लेकर सहरसा जाने के लिये मनाया. 30 की सुबह जब पंकज और वाहन मालिक के बीच संपर्क खत्म हो गया. तो जितेंद्र ने मथुरापुर ओपी के एक प्राथमिकी दर्ज करा कर अपराधियों द्वारा स्कॉर्पियो छीने जाने की बात कही.
इसके बाद पंकज परिजन भी खोजबीन में जुटे लेकिन किसी जगह से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर 1 फरवरी को पंकज के पिता ने मुफस्सिल थाना में वाहन मालिक और जितेंद्र पर पुत्र को गायब करने की प्राथमिकी दर्ज करायी. इसके बाद खोजबीन में जुटी पुलिस को पता चला कि दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र में एक अज्ञात लाश बरामद हुआ है. जांच के दौरान पुलिस के संग गये पंकज के पिता ने कपड़ा से उसकी पहचान की.
